कन्नौज। इत्रनगरी के महादेवी घाट पर सैलानियों की जिंदगी खतरे में है। यहां नियमों को ताक पर रखकर नावों का असुरक्षित संचालन किया जा रहा है। नाविक मनमाने दाम वसूलते हुए यात्रियों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं।
घाट पर बिना सुरक्षा मानकों के कबाड़ और जुगाड़ से बने इंजनों के भरोसे नावें चल रही हैं। हाल ही में हुए भीषण नाव हादसों के बावजूद प्रशासनिक अमला गहरी नींद में सोया हुआ है। व्यावसायिक नावों पर जीवन रक्षक जैकेट, जीवन रक्षक रिंग और प्रशिक्षित गोताखोर अनिवार्य हैं पर महादेवी घाट पर इनकी कमी है। नाविक क्षमता से दोगुनी सवारियां बैठाते हैं, जिनमें बूढ़े, महिलाएं और मासूम बच्चे भी शामिल होते हैं। किसी भी यात्री के पास जीवन रक्षक जैकेट नहीं होती है। प्रशासन ने इन नावों का पंजीकरण भी नहीं किया है। एसपी विनोद कुमार ने बताया कि महादेवी घाट पर विशेष पर्व या स्नान के समय ही जल पुलिस तैनात होती है।
नाविकों की मजबूरी और सैलानियों का डर
नाविक रवि कश्यप का कहना है कि नाव ही उनकी जीविका का एकमात्र साधन है। नाविक प्रह्लाद कश्यप ने बताया कि जीवन रक्षक जैकेट समेत कई उपकरण महंगे हैं और प्रशासन ने उपलब्ध नहीं कराए हैं।
एक चक्कर के लगते 50-100 रुपये
हरदोई निवासी सैलानी अक्षय प्रताप सिंह ने बताया कि नाविक गंगा नदी का एक चक्कर लगाने के लिए 50 रुपये व दो चक्कर के 100 रुपये लेते हैं, जिसमें 10 से 20 मिनट तक समय लग जाता है। लाइफ जैकेट न होने से मन में डर बना रहता है पर यहां पर नौका विहार के लिए अन्य कोई जगह भी नहीं है, इसलिए इन्हीं नावों पर बैठना पड़ता है।
वर्जन
स्थानीय निकाय के माध्यम से नावों और नाविकों का पंजीकरण कर रेट सूची का बोर्ड भी महादेवी घाट पर लगवाया जाएगा। जिला आपदा नियंत्रण विभाग से लाइफ जैकेट मंगवाकर वितरण कराया जाएगा।
-आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, जिलाधिकारी
हाल में हुए नाव हादसे
10 अप्रैल 2026- वृंदावन मथुरा के केसी घाट पर यमुना नदी में नाव पलटने से 11 लोगों की मौत, कई घायल हुए थे। किसी के पास लाइफ जैकेट नहीं थी।
30 अप्रैल 2026- मध्य प्रदेश जबलपुर के बरगीडेम क्षेत्र में क्रूज हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में अधिकतर यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।
06 मई 2026 - हमीरपुर जिले के कुरारा क्षेत्र के कुतुबपुर पटिया गांव के सामने यमुना में नाव पलटने से छह लोगों की मौत हो गई थी। इसमें किसी के पास लाइफ जैकेट नहीं थी।