ग्रामीणों से पूछताछ करते एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह
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जमीन के विवाद में मायके में रह रही बुआ की भतीजे ने मां, दादी और मामा के साथ मिलकर गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद गांव में सनसनी फैल गई। मृतका के पिता ने चारों के खिलाफ कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। इससे पहले आरोपी के पिता ने जमीन के विवाद में छोटे भाई की हत्या कर दी थी। पिता के जेल में होने पर जमीन के लालच में बेटे ने वारदात को अंजाम दिया।
तिर्वा कोतवाली क्षेत्र के गांव गूरा निवासी कृष्ण दत्त पालीवाल के दो बेटे सत्य नारायण और जुगल किशोर है। तीन बेटी मुन्नी, ऊषा देवी और विपिन लता की शादी कर दी है। छोटी बेटी विपिनलता की उसने शादी कानपुर के केशव नगर में ब्लाक डब्लू 127/634 निवासी राजीव पालीवाल के साथ की थी। 2011 में कृष्ण दत्त की मौत हो गई। घर जिम्मेदारी पत्नी जगरानी पर आ गई थी। 2002 में दोनों भाइयों के बीच 90 बीघा जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया था। सत्य नारायण ने छोटे भाई जुगल किशोरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। सत्य नारायण के जेल जाने के बाद बहन विपिनलता अपने मायके में रहने लगी। इससे जगरानी ने उसके नाम 30 बीघा जमीन कर दी थी। इसी बात से विपिनलता से सत्य नारायण की पत्नी रंजना और बेटा सचिन उर्फ लालू रंजिश मानते थे। 31 दिसंबर को विपिनलता ने अपनी जमीन में नलकूप होने की बात कहकर ताला लगा दिया था। गुरुवार सुबह सचिन ने नलकूप का ताला तोड़ दिया। जानकारी होने पर विपिनलता नौ बजे नलकूप पर पहुंच गई और झगड़ने लगी। तभी सचिन ने अपने मामा गुल्लन उर्फ अजय, मां रंजना और दादी जगरानी के साथ मिलकर विपिनलता को एक सिर में और एक सीने में गोली मारकर हत्या कर दी।
मामले की जानकारी मिलते ही एसपी अमरेंद प्रसाद सिंह और एएसपी केशव चंद्र गोस्वामी समेत तिर्वा कोतवाल आमोद कुमार फारेंसिक टीम के साथ पहुंचे। हत्या के बाद सभी आरोपी भाग निकले। मृतक के पति राजीव कुमार ने उक्त लोगों के खिलाफ कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।