फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रैगिंग में छह मेडिकल छात्र तीन माह के लिए हास्टल से निष्कासित

Thu, 23 Nov 2017 11:57 PM IST
kannauj
विज्ञापन
छात्रों के निष्कासन की जानकारी देते प्राचार्य व सीएमएस - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
तिर्वा।राजकीय मेडिकल कालेज में रैगिंग के मामलों को लेकर छात्र गुटों में हुई मारपीट के मामले में जांच के बाद छह सीनियर छात्रों को मेडिकल कालेज प्रशासन ने अनुशासन हीनता का दोषी पाया है। विभागीय जांच के बाद पैरा 2016 के छह छात्रों को तीन माह के लिए छात्रावास से निष्कासन कर दिया गया है। निष्कासित किए गए छात्र क्लास तो ले सकते हैं पर छात्रावास नहीं जा सकते। इन छात्रों से प्राचार्य ने कैंपस के बाहर कहीं अन्य स्थान पर किराए पर कमरा लेकर कालेज में पढ़ने की अनुमति दी है।
विज्ञापन


गौरतलब है कि गत तीस अक्तूबर को पैरा 2016 के कुछ छात्रों ने पैरा-2017 के एमबीबीएस छात्रों के साथ रैगिंग का प्रयास किया था। इसको लेकर छात्रों के दोनों गुटों के बीच मारपीट व पथराव हो गया था। मामले में कई छात्र व चार सुरक्षा गार्ड चोटिल हुए थे। जूनियर छात्रों ने तिर्वा कोतवाली में तेरह सीनियर छात्र समेत पचास से साठ अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट व तोड़फोड़ का मुकदमा दर्ज कराया था।

प्राचार्य ने पूरे प्रकरण की जांच एन्टी रैगिंग कमेटी व विभागीय समिति को अलग-अलग सौंपी थी। दिल्ली से भी एंटी रैगिंग कमेटी ने मेडिकल कालेज प्रशासन को पत्र भेजकर रिपोर्ट मांगी थी। प्राचार्य डा.डीएस मारतोलिया व सीएमएस डा. दिलीप सिंह ने गुरुवार की दोपहर अपने कार्यालय में संयुक्त रुप से पत्रकारों को बताया कि गत तीस अक्तूबर की घटना में पैरा-2016 के छह छात्रों को अनुशासन हीनता का दोषी पाया गया है। इन्हें तीन माह के लिए छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है। शेष छात्रों को दोषमुक्त कर दिया गया है। तिर्वा कोतवाली में दर्ज मुकदमे के मामले में सुरक्षा गार्डो ने भी पुलिस को अपने हलफनामे दे दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन






 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें