कन्नौज। फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय न्यायाधीश हितेंद्र हरी ने जाली करेंसी रखने के मामले में एक व्यक्ति को चार साल की सजा व 10 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। जुर्माना न भरने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि तीन अगस्त 2008 को थाना इंदरगढ़ जिला कन्नौज के तत्कालीन एसओ मुके श वर्मा अपनी पुलिस टीम के साथ कस्बे में गश्त पर थे। तभी उन्हें मुखबिर से सूचना मिली की एक व्यक्ति के पास जाली करेंसी है।
सूचना के आधार पर उन्होंने छापा मारा तो एक व्यक्ति के पास से सौ के 60 नोेट, पांच सौ के छह नोट व हजार के पांच नोट बरामद किए। एसओ इंदरगढ़ ने पकड़े गए व्यक्ति से उसका पता पूछा तो उसने अपना नाम दीपचंद्र निवासी बेलामऊं सरैंया थाना इंदरगढ़ जिला कन्नौज बताया।
एसओ ने करेंसी को कब्जे में लेकर जांच के लिए रिजर्व बैंक की शाखा कानपुर भेजा। जहां जांच में करेंसी नकली पाई गई। मामलें में एसओ ने मुकदमा लिखाया व आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल करते हुए आरोपी के खिलाफ गवाही दी। न्यायालय ने मामले में दोनों पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद जाली करेंसी रखने के मामलें में अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।