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नामांकन से पहले सहकारी समिति का सचिव अपहृत

Sun, 21 Jan 2018 11:52 PM IST
kannauj
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कन्नौज के छिबरामऊ में अपने आवास पर घटना की जानकारी देते सहकारी समिति के सचिव अवनीश तिवारी। - फोटो : amarujala
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छिबरामऊ (कन्नौज)। एटा की मुरसमा क्षेत्रीय सहकारी समिति में सचिव के पद तैनात छिबरामऊ निवासी मुकेश उर्फ अवनीश तिवारी ने बताया कि ड्यूटी पर जाते समय 17 जनवरी को एटा के शांति नगर रेलवे रोड से कार सवार बदमाशों ने उसका अपहरण कर लिया। इस दौरान उसे बेहोशी की हालत में कई स्थानों पर रखा गया।
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बदमाशों ने उससे डेढ़ लाख रुपये व उसका मोबाइल भी छीन लिया। इसके बाद बेहोशी की हालत में उसे शुक्रवार देर रात फर्रुखाबाद के राजेपुर थानाक्षेत्र के चाचूपुर गांव के पास झाड़ियों में फेंक कर भाग गए। होश आने पर उसने कन्नौज परिजनों को जानकारी दी। परिजन उसे घर ले आए। यहां आकर उसने पुलिस को घटना की जानकारी दी। मुकेश ने घटना के पीछे सहकारी समिति चुनावों की साजिश की आशंका जताई है।

मालूम हो कि प्रोफेसर कालोनी निवासी मुकेश उर्फ अवनीश तिवारी पुत्र सुभाषचंद्र एटा के थाना सकरौली के अंतर्गत मुरसमा में क्षेत्रीय सहकारी समिति के सचिव के पद पर कार्यरत हैं। 15 जनवरी को वह घर आया था। 17 जनवरी की सुबह वह रोजवेज बस से एटा चला गया। जहां शांतिनगर रेलवे रोड पर एक बिना नंबर की स्कार्पियो कार में सवार चार लोगों ने उसे बुलाया और  तमंचा लगाते हुए जबरदस्ती गाड़ी में बैठ लिया।
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थोड़ा आगे चलकर स्कार्पिया सवार बदमाशों ने उसकी आंख में पट्टी बांध दी और उसे कुछ सुंघा दिया। जिससे वह बेहोश गया। होश आने पर उसने खुद को बंधा पाया। इस दौरान भी उसकी आंखों में पट्टी बंधी रही। मुकेश के अनुसार कार सवार लोग किसी से बराबर फोन पर संपर्क पर थे। इस दौरान वह आपस में कई बार उसे मारने की बात कह रहे थे लेकिन उनमें से एक ने कहीं दूर फेंकने को कहा।

इसके बाद वह फिर बेहोश हो गया। सुबह होश में आने पर उसने खुद को फर्रुखाबाद के राजेपुर थानांतर्गत चाचूपुर गांव के पास झाड़ियों में पाया। रविवार सुबह राहगीरों की सहायता से वह फर्रुखाबाद पहुंचा और वहां से परिजनों को घटना की जानकारी दी। इस पर परिजन फर्रुखाबाद पहुंचे और उसे लेकर घर आए। घर पहुंचने के बाद उसने पुलिस को सूचना दी। मुकेश ने बताया कि कार सवार लोग उससे बैंक में जमा करने के लिए रखा डेढ़ लाख रुपया और दो मोबाइल भी लूट ले गए। उसने अपने साथ हुई इस घटना के पीछे सहकारिता चुनाव की साजिश को माना है।

उनका कहना है कि वह 15 जनवरी को ड्यूटी कर छुट्टी पर घर आया था। उसका चार्ज एक अन्य व्यक्ति को सौंप दिया गया। उसने आरोप लगाया कि सहकारी चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से 17 जनवरी को उसका अपहरण कर लिया गया और 20 जनवरी को नामांकन प्रक्रिया के बाद उसे फर्रुखाबाद क्षेत्र में फेंक दिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि सहकारिता चुनाव में मनमानी को लेकर ही उसके अपहरण की साजिश रची गई। मालूम हो कि इस मामले में एटा के थाना सकरौली में उनके परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करायी थी।
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