पति ने दूसरी शादी की तो इसका विरोध करना महिला को महंगा पड़ गया। आरोप है कि पति ने उस पर फायर झोंक दिया। किसी तरह उसने अपनी जान बचाई थी। आईजी के निर्देश पर मामले की रिपोर्ट छह माह बाद कोतवाली में दर्ज की गई है। कानपुर के कल्यानपुर निवासी अनीता पुत्री भगवती सिंह ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि उसके पिता ने उसकी शादी 14 वर्ष पहले सिकंदरपुर चौकी अंतर्गत ग्राम रौरी निवासी अहिबरन के बेटे गणेशप्रताप के साथ की थी। उसका पति दिल्ली में किसी प्राइवेट कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है।
शादी के बाद से उसके ससुरालीजन पांच लाख रुपये की मांग करने लगे। न देने पर प्रताड़ित करने लगे। इससे तंग आकर उसने अपने बेटे को अपने मायके में ही छोड़ रखा है। रक्षाबंधन पर्व पर वह मायके गई थी। ससुराल लौटी तो उसे जानकारी हुई कि उसके पति ने दूसरा विवाह कर लिया है। बीती 6 सितंबर को विरोध करने पर ससुराल वालों ने मारपीट की। पुत्री कोमल बचाने आई तो उसे भी पीट दिया। इसी दौरान उसके पति ने जान से मारने की नीयत से उसके ऊपर तमंचे से फायर कर दिया।
किसी तरह उसने और अपनी पुत्री की जान बचाई। फायर की आवाज सुनकर गांव के काफी लोग आ गए। इस पर ससुराल वालों ने उसे घर से बाहर निकाल दिया। तभी से वह मायके में रह रही है। पति समेत ससुरालीजनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई बार पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मजबूर होकर उसने आईजी को शिकायतीपत्र सौंपा। आईजी के आदेश पर पीड़िता की तहरीर पर उसके पति गणेशप्रताप, सास रामदुलारी, शिवदेश सिंह, हरिवंश सिंह और रचना सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।