कई सालों से जिले में चोरी और डकैती की वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह की शातिर महिला समेत छह बदमाशों को पुलिस ने जेल दिया, लेकिन चोरी व लूट का सामान बरामद न होने से पुलिस वाहवाही नहीं लूट पाई। पुलिस अफसरों ने बगैर खुलासा किए ही आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद जेल भेज दिया।
दो दिन पूर्व बरेली जिले के नवाबगंज गोहटिया क्षेत्र लावा खेड़ा निवासी गीता देवी पत्नी मनोज गंगवार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने गिरोह के अंसार पुत्र छोटे निवासी शेरनगर बहेड़ी बरेली, शाहिद पुत्र अब्दुल जमील निवासी मस्ताना देवराना बरेली, गुलशन पुत्र महेंदी हसन निवासी उधमसिंह नगर उत्तराखंड व बाबू और ठाकुर निवासी बालपुर नवाबगंज बरेली को गिरफ्तार कर पूछताछ की। दोपहर को जिला अस्पताल में सभी आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि बीते साल शहर में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर हुई लूट व चोरी की वारदातों में ये शामिल थे। हालांकि चोरी व लूटा गया सामान बरामद न होने से पुलिस अफसर खुलासा करने में असमर्थ दिखाई दिए।
मास्टरमाइंड हल्द्वानी जेल में काट रहा सजा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरोह का सरगना वसीम है, जो कई महीनों से उत्तराखंड की हल्द्वानी जेल में सजा काट रहा है। इससे माल की बरामदगी संभव नहीं हो पा रही है।
दुकानदारों की सक्रियता से पकड़ा गया गिरोह
दुकानदारों की सक्रियता के चलते गिरोह के सदस्यों की पुलिस गिरफ्तारी कर सकी। 11 मार्च की रात बाईपास पर पाल चौराहा पर स्थित श्री टायर्स दुकान के सामने दुकानदारों ने ट्रक से उतर कुछ संदिग्ध लोगों को शटर काटते देख लिया था। फोन पर पहुंची पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेेेकर पूछताछ की थी। इसके बाद पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर अन्य बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
ससुर की हत्या कर गिरोह में शामिल हुई थी गीता
पुलिस की हिरासत में आई 25 वर्षीय गीता ने बताया कि ससुर की प्रताड़ना से तंग आकर उसने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद मायके और ससुराल से फरार होकर वसीम और अंसार के संपर्क में आ गई थी। वसीम उसकी खूबसूरती का फायदा उठाकर लोगों को जाल में फंसाकर हत्या व लूटपाट की वारदातों को अंजाम देता था। घातक बीमारी की चपेट में आने के कारण गिरोह के अन्य सदस्यों ने भी गीता का साथ छोड़ दिया था।