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नगला मोच में खूनी संघर्ष, फायरिंग में युवक की मौत

Mon, 20 Mar 2017 12:11 AM IST
amar ujala
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युवक की हत्या के बाद ‌ब‌िलखते पर‌िवारीजन - फोटो : amar ujala
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नगला मोच में रविवार सुबह नलकूप के पानी का पाइप काटने के विवाद में बीच बचाव करने पर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक की मां सहित छह अन्य लोग घटना में घायल हुए हैं। दूसरे पक्ष के भी कुछ लोगों के  घायल होने की बात कही जा रही है। घायलों को आगरा और सैफई मिनी पीजीआई में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी मां की हालत गंभीर बताई जा रही है। गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए  एसएसपी ने पीएसी तैनात कर दी गई है। पुलिस ने बोलेरो कार सहित पांच लोगों को अवैध हथियारों के साथ हिरासत में लिया है।   
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घटना से गुस्साए युवक के परिवारीजनों ने अलीगंज पीएचसी के  बाहर शव  रखकर जाम लगा दिया। इनका आरोप है कि सुबह विवाद होने पर पुलिस को सूचना दी गई थी,  लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। बताया जा रहा है कि मृतक पक्ष भाजपा और आरोपी सपा समर्थक हैं और इनके बीच जमीन के विवाद और हत्या की एक घटना को लेकर पुरानी रंजिश भी चली आ रही है।  शनिवार शाम गांव के रघुवीर के नलकूप का पाइप वीरीसिंह की बेटी अंजली ने काट लिया था। इसी पर रविवार सुबह रघुवीर और वीरी सिंह की पत्नियों में झगड़ा हो रहा था। पड़ोस के सुधीर  (42) ने दखल देते अपने घर के सामने झगड़ने से मना किया। तभी वीरी सिंह पक्ष के चार पांच लोग वहां पहुंचे और उन्होंने सुधीर की गोली मारकर हत्या कर दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची सुधीर की मां रेशमा देवी, पत्नी कलावती, परिवार के सदस्य रामस्वरूप, हुकुम सिंह, रघुवीर के बेटा रंजीत को भी गोली मारकर घायल कर दिया। ुपुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से घायलाें को गंभीर हालत में आगरा और सैफई रेफर कर दिया गया है। सूचना पर पहुंचे एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध और एएसपी विर्सजन सिंह यादव गांव में पहुंच गए और घटना के संबंध में जानकारी की। पुलिस ने बोलेरो कार से भाग रहे पांच लोगों को अवैध हथियारों के साथ हिरासत में लिया है। मृतक सुधीर के पिता रामकिशन ने धर्मेंद्र समेत पांच के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने की तैयारी कर रही है।  
मृतकों और आरोपियों बीच ये है रंजिश
नगला मोच गांव निवासी राधेश्याम की विगत वर्ष 26 जुलाई की रात छत पर सोते वक्त गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। मामले में सुधीर, रक्षपाल, उसके बेटे शिवकुमार, सुरेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। राधेश्याम सुधीर और रविवार सुबह हुई हत्या में आरोपी धर्मेंद्र के बीच चल रहे भूमि विवाद में गवाह था। इस मामले में एक महीने पहले ही चारों जेल से रिहा होकर आए थे। रविवार को हुए खूनी संघर्ष में जिनके नाम सामने आए हैं वह राधेश्याम के परिवार के लोग हैं।
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सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस
मृतक सुधीर और घायलों के परिवारीजनों ने अलीगंज में सीएचसी के सामने सड़क पर जाम लगा कर नयागांव पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया। आरोप है कि सुबह विवाद शुुरू होते ही पुलिस को फोन पर खूनी संघर्ष होने की आशंका की सूचना दी गई थी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। पुलिस वक्त पर पहुंचती तो सुधीर जान नहीं जाती और इतने लोग घायल होने से बच जाते। हंगामे के दौरान मौके पर पहुंचे एसएसपी से ग्रामीणों ने पुलिस पर कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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क्रॉस केस के लिए मां के सिर में मारी ईंट
पुलिस की माने तो खूनी खेल खेलने के बाद आरोपी धर्मेंद्र ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए अपनी मां वीरवती के सिर में ईट मार कर लहूलुहान कर दिया। वहीं अस्पताल में भर्ती धर्मेंद्र का आरोप है कि रघुवीर और वीरीसिंह के बीच हुए विवाद के दौरान फायरिंग में सुधीर की गोली लगने से मौत होने के अलावा बाकी के लोग घायल हुए हैं। धर्मेंद्र  का आरोप है कि इन लोेगों ने मुझे और मेरे परिवार को घर में घुसकर पीटा है।   
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इकलौते बेटे पर था पूरे घर की जिम्मेदारी
जिला अस्पताल पहुंचे पिता रामकिशन ने बताया कि सुधीर इकलौता बेटा था। पूरे घर की उस पर ही जिम्मेदारी थी। मृतक के बेटे गौतम, अभिषेक का रोकर बुरा हाल है। रामकिशन ने बताया कि बेटा गौतम इंटर का छात्र है और गांव नगला गुलाबी में पेपर दे रहा था। सुबह सुधीर के साथ गौतम भी साथ था। जो फायरिंग में बाल-बाल बच गया।
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दो पक्ष आपस में झगड़ रहे थे। उसी वक्त सुधीर के वहां से गुजरते वक्त विरोधियों ने गोली मारी है। सुधीर के पिता की तहरीर पर अलग रिपोर्ट दर्ज होगी और पुलिस की ओर से दो पक्षों में हो रहे झगडे़ की रिपोर्ट अलग दर्ज होगी। गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घायल धर्मेंद्र के आरोप निराधार हैं।
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                                                                 - सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी एटा
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