दादी की गोदी में बैठी वैष्णवी।
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दो लाख रुपये के लिए दिन दहाड़े तीन वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण उसके चचेरे चाचा ने कर लिया। छह घंटे के बाद ही पुलिस ने चाचा की निशानदेही पर मझपुर्वा से बच्ची को सकुशल खोज लिया। पुलिस ने आरोपी चाचा सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। कस्बे के मोहल्ला किदवई नगर निवासी रामकुमार शंखवार की वर्ष 2014 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उसके परिवार के लोग मोहल्ले में बने दो अलग-अलग मकानों में रहते हैं।
गुरुवार सुबह करीब नौ बजे रामकुमार की पुत्री वैष्णवी अचानक लापता हो गई। बच्ची के लापता होने के कुछ ही देर बाद सुखदेवी के मोबाइल पर काल आई कि बच्ची मेरे कब्जे में है, दो लाख रुपयों की व्यवस्था करो। वैष्णवी के अपहरण की खबर मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। परिजनों ने अपहरण की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। कोतवाल भारी पुलिस बल के साथ मोहल्ले में पहुंचे। आसपास के तमाम घरों की तलाशी ली, लेकिन वैष्णवी का पता न चला।
इधर, सूचना पाकर एएसपी सुभाष चंद्र शाक्य, सीओ सदर अंबरीष भदौरिया व छिबरामऊ कोतवाल, तालग्राम थानाध्यक्ष सहित कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। शक होने पर पुलिस ने वैष्णवी के चचेरे चाचा किदवई नगर निवासी लालू पुत्र कैलाश कब्जे में ले लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बच्ची के मझपुर्वा गांव में होने की जानकारी दी। इसके बाद एसपी दिनेश कुमार पी के नेतृत्व में कई थानों का पुलिस फोर्स मझपुर्वा के मोहल्ला बाग पहुंचा। यहां लालू की निशानदेही पर फिरोज के मकान की घेराबंदी कर वैष्णवी को बरामद किया है। पुलिस ने फिरोज, उसकी भामी तजमा पत्नी अफरोज को भी गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।