डीआईजी कार्यालय में एडीजी अभय कुमार प्रसाद ने रेंज के तीनों जनपदों के एसपी के साथ कानून व्यवस्था को लेकर बैठक की।
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बस्ती। प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध) ने बृहस्पतिवार को अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। साइबर क्राइम को चुनौती मानकर मॉनिटरिंग अफसरों को अपडेट रहने की हिदायत दी। लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया।
बृहस्पतिवार को अचानक एडीजी के आने की सूचना से विभाग में हड़कंप की स्थिति रही। अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध) अभय कुमार प्रसाद सुबह करीब 11 बजे पहुंचे। निरीक्षण गृह पर उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया। जिसके बाद समीक्षा शुरू की। आईपीसी, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट जैसे मुकदमों के विवेचना की स्थिति बेहतर पाकर पीठ थपथपाई। बस्ती जनपद की स्थिति सबसे बेहतर रही।
खासकर हत्या, लूट, बलात्कार जैसे अपराधों के मामले में बिना लापरवाही कार्य करने का निर्देश दिया। इस दौरान डीआईजी लक्ष्मी नारायण ने उन्हें तीनों जनपदों के अपराध का ब्योरा उपलब्ध कराया। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाइयों की जानकारी दी, जिससे एडीजी आश्वस्त नजर आए। एसपी बस्ती कृपाशंकर सिंह, संतकबीरनगर के शैलेश पांडेय और एसपी सिद्धार्थनगर मौजूद रहे।
फ्राड मामलों को नजर अंदाज न करें एसपी
बस्ती। एडीजी क्राइम ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में अखबार के तेवर की सराहना की और कहा कि अमर उजाला की खबरों को शासन सबसे पहले संज्ञान लेता है। समीक्षा के दौरान मिली खामियों के बावत बताया कि धोखाधड़ी खासकर साइबर फ्राड को नजर अंदाज किए जाने की बात सामने आई,जिसके लिए पुलिस अधीक्षकों को हिदायत दी गई है कि इसकी विवेचना और अन्य कार्रवाई में हीलाहवाली कतई उचित नहीं है। पुलिस द्वारा लांच किए गए नए साॅफ्टवेयर क्राइम मैपिंग सिस्टम को लागू करने पर जोर दिया। गोरखपुर में पिछले दिनों जोन स्तर पर आयोजित की गई कार्यशाला को सार्थक बताते हुए एडीजी ने साॅफ्टवेयर के मुताबिक सूचनाओं को अपलोड कराने का निर्देश दिया।