देर रात मूंगफली के खेत में युवक की गोली मार हत्या किए जाने के मामले में फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट न्यायाधीश सूर्यप्रकाश शर्मा ने आजीवन कारावास की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। इसी मामले में एक आरोपी घटना के समय नाबालिग पाया गया। उसका मामला किशोर न्याय कोर्ट में चल रहा है।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि गुरसहायगंज थानाक्षेत्र के पडुआपुर निवासी बेवा रामसती ने 21/22 मई 2012 को गुरसहायगंज थाने में लिखाई रिपोर्ट में बताया कि रात वह अपने पति छोटेलाल (50) व पुत्र समर पाल व देवर के साथ मूंगफली के खेत पर पानी लगाने गई थी। पानी लगाने के बाद वह सभी वहीं खेत पर ही लेट गए। तभी गांव के ही विजय कुमार, राम बाबू, राम बहादुर पुत्रगण कांता प्रसाद व छबिराम पुत्र श्रीपाल जाटव और विजेंद्र पुत्र बाबूराम अवैध असलहों के साथ खेत पर पहुंच गए।
छविराम और राम बहादुर ने उसके पति को पकड़ लिया बाकी लोगों ने उन्हें गोली मार दी। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले की विवेचना तत्कालीन इंस्पेक्टर ओमप्रकाश सिंह को साैंपी गई।
विवेचना पूर्ण होने पर विवेचक ने विवेचना पत्र कोर्ट में दाखिल किया। साक्ष्यों पर बहस करते हुए कोर्ट ने चार आरोपियों को मामले में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 10-10 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया। कोर्ट ने जुर्माने की राशि पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए। बता दें कि विवेचना के समय घटना में शामिल एक आरोपी विजेंद्र पुत्र बाबूराम को नाबालिग पाया गया। जिसके चलते उसका मुकदमा किशोर न्याय कोर्ट में चल रहा है।