फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लेखपाल की हत्या में पति-पत्नी को उम्र कैद

Thu, 09 Jun 2016 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /कन्नौज
विज्ञापन
11 साल से न्याय के ‌ल‌िए भटक रही है पीड़‌िता - फोटो : Demo
विज्ञापन
कन्नौज। दस साल पहले हुई लेखपाल की हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए एडीजे प्रथम चंद्रभूषण सिंह की कोर्ट ने उसके ममेरे भाई व पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनोें पर 35-35 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन


शासकीय अधिवक्ता छेदीलाल के मुताबिक मोहल्ला बनवारी नगर तहसील छिबरामऊ जिला कन्नौज निवासी अरुण कुमार (40)  ने 13 फरवरी 2010 को इंदरगढ़ थाने में रिपोर्ट लिखाई।

उन्होंने बताया कि 10 फरवरी 2010 को उसके पिता इंद्रपाल कठेरिया घर से लगभग 11 बजे तिर्वा बारात में जाने की बात कहकर निकले थे। दो दिन बीत जाने के बाद भी पिता वापस नहीं आए तो परिजनों ने खोजबीन शुरू कर दी।
विज्ञापन


13 फरवरी को पिता की तलाश में अपने एक अन्य साथी शीलू के साथ ननिहाल पहुंचा तो उसे वहां बताया गया कि पिता वहां आए ही नहीं। गांव भजरिया के ग्रामीणों ने उसे बताया एक बाइक गांव के बाहर तालाब में पड़ी है।

उसने बाइक देखकर उसे पहचान लिया। पिता उसी बाइक से बारात गए थे। ग्रामीणों ने उसे बताया कि उसके पिता को उसके ही ममेरे भाई सुदामा व उसकी पत्नी नन्ही देवी ने मारकर अपने घर के ही घूरे में दबा दिया है।

अरुण कुमार ने ग्रामीणों के कहे मुताबिक जब घूरे को हटाया तो वहां उसका शव बोरे में लिपटा पड़ा मिला। उसने वहीं इंदरगढ़ थाने में सुदामा व उसकी पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

मामले की विवेचना तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार सिंह ने की थी। विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। एडीजे प्रथम न्यायधीश चंद्रभूषण सिंह कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चल रही थी।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने बुधवार को सुदामा व उसकी पत्नी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। मृतक इंद्रपाल कठेरिया उस समय तहसील छिबरामऊ के क्षेत्र खड़िनी में लेखपाल के पद पर कार्यरत थे।
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें