फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सूर्य प्रकाश शर्मा ने रेप के मामले में दोषी को दस साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया है। शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि वादी ने 5 मई 2013 को पुलिस को लिखाई रिपोर्ट में बताया कि उसकी 15 वर्षीय पुत्री शाम 8 बजे घर के बाहर मवेशियों को चारा दे रही थी। तभी उसके पड़ोस की एक महिला ने उसे किसी काम के बहाने घर बुलाया।
वादी के अनुसार उस महिला के घर पहले से तीन युवक मौजूद थे। ये युवक उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर बाइक पर कहीं ले गए। इसके बाद दो युवक लौट आए, जबकि तीसरा बेटी को ले गया। घटना के छह दिन बाद युवक उसकी बेटी को लेकर कोर्ट मैरिज करने के इरादे के कन्नौज लौट रहा था। तभी छिबरामऊ बाईपास पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता ने कोर्ट में बताया कि वह युवक उसके साथ बलात्कार कर मारपीट करता था।
मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायधीश ने मोर सिंह को 10 वर्ष की सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। सबूतों के अभाव में दो युवकों व एक महिला को बरी कर दिया गया है। न्यायालय ने जुर्माने से 18 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।