छिबरामऊ। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी आतिशबाजी की दुकानें कैरदा तहसील रोड पर खाली पड़े खेतों में लगाई गई हैं।
सुरक्षा की दृष्टि से पालिका प्रशासन ने पानी के दो टैंकर खड़े करा दिए हैं, लेकिन फायरब्रिगेड की वहां कोई व्यवस्था देखने को नहीं मिली। दुकानदारों ने आग पर काबू पाने के लगभग उपाय कर लिए हैं। ज्यादातर दुकानों पर आग बुझाने वाले सिलेंडर के अलावा ड्रमों में पानी व बोरियों में बालू भर कर रखी गई है।
बुधवार की देर शाम आतिशबाजी बाजार में फायरब्रिगेड की टीम फायरटैंक के साथ पहुंची और फिर उसने वहां डेरा डाल लिया। लीडिंग फायरमैन रामबाबू ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से वह लोग 24 घंटे यहां मुस्तैद रहेंगे।
इस बार नगर में आतिशबाजी के 44 अस्थाई लाइसेंस निर्गत किए हैं। दोपहर बाद कोतवाली पुलिस जब आतिशबाजी लाइसेंस चेक कर रही थी। एक दुकान बिना लाइसेंस के पाई गई। इस पर पुलिस ने जब कड़ा रुख अपनाया, तो दुकानदार ने बताया कि उसने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। शाम तक लाइसेंस उपलब्ध करा देगा।
एसएसआई जितेंद्र सिंह ने बताया कि आतिशबाजी बाजार में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। विशुनगढ़ प्रतिनिधि के अनुसार इस बार रामलीला मैदान में आतिशबाजी बाजार सजाया गया है।
प्रशासन ने यहां 18 दुकानदारों को अस्थाई लाइसेंस प्रदान किए हैं। बाजार में मानक के अनुरुप सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए ग़ए, जिससे कोई भी हादसा हो सकता है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि सभी दुकानों के लाइसेंस चेक किए जा रहे हैं। बिना लाइसेंस सदुकानों को नहीं लगने दिया जाएगा।