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आंख खुलने के पहले सामने आई हकीकत

Thu, 09 Mar 2017 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ बेटी बचाओ के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और दूसरी तरफ लोग अभी भी पुत्र प्रधान मानसिकता से नहीं उबर पाए हैं। लगातार कन्या भ्रूण हत्या के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शहर के अस्पताल रोड पर देखने को मिला। जन्म से पहले ही बेटी को किसी को आवारा जानवरों का निवाला बनाने के लिए छोड़ दिया।
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गुरुवार को अस्पताल रोड पर नगरपालिका के ट्यूबवेल नंबर चार को जाने वाले रास्ते में बारातघर के पास कूड़े में नवजात कन्या का शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अभी एक नवजात कन्या आंख भी नहीं खोल पाईं थी, कि उससे पहले ही उसे इस दुनिया से विदा कर दिया गया। भ्रूण हत्या और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के चाहे जितने जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाते रहे हों, इसके बाद भी बेटियों को कोख में ही मार दिए जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

लोगों में इस बात की भी चर्चा थी कि या तो किसी बिनब्याही मां का यह कृत्य हो सकता है या फिर किसी गर्भवती ने लिंग परीक्षण कराकर गर्भ में पल रही कन्या को जन्म देने से पूर्व ही उसे मार दिया। ट्यूबवेल नंबर चार के पास सड़क पर कूड़े का ढेर लगा रहता है। सुबह करीब नौ बजे कूड़ा बीनने वाले बच्चे जब वहां पहुंचे तो उनकी नजर शव पर पड़ी तो वह चीख कर भाग खड़े हुए। कुछ ही देर में आस-पड़ोस लोगों की भीड़ जुट गई। सभासद मनोज कुमार सिंह राठौर ने कोतवाल राजबहादुर सिंह को मामले की सूचना दी। पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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अवैध रूप से चल रहे क्लीनिक
नगर में कई जगह अवैध रूप से क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। जहां एबार्शन का कारोबार धड़ल्ले से हो रहा है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड मशीनों से चोरी-छिपे लिंग परीक्षण का भी कार्य चल रहा है। हालांकि इस संबंध में स्वास्थ्य महकमे द्वारा पिछले वर्ष जांच भी कराई गई थी, लेकिन तब कोई भी मामला पकड़ में नहीं आया था। गर्भपात और भ्रूण लिंग परीक्षण के कारोबार में संलिप्त लोगों की ऊंची पहुंच के चलते जब भी कोई जांच का मामला आता है उससे पहले ही उन्हें सचेत कर दिया जाता है, जिससे यह कारोबार चोरी-छिपे बदस्तूर चलता रहता है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
अवैध क्लीनिकों के संदर्भ में जिला अस्पताल में एक टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जिसके तहत सूचना मिलने पर छापामार कार्रवाई की जाती है। यदि किसी क्लीनिक में भ्रूण का लिंग परीक्षण करने की शिकायत मिली तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. एके पचौरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कन्नौज।
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