पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर मंगलवार को अचानक विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के खरौली गांव पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां सतेंद्र का लहूलुहान शव मिला था। एसपी ने मुकदमे में वादी और मृतक के भाई आशीष से काफी देर तक पूछताछ की। पुलिस आत्महत्या को ही केंद्रबिंदु मानकर विवेचना कर रही है, जबकि परिजन लगातार भूमि विवाद में हत्या की बात कह रहे हैं।
एसपी सबसे पहले खरौली गांव में लाखन सिंह यादव के खेत पर पहुंचे, जहां गत 16 जून को रिटायर्ड फौजी दफेदार वर्मा के बेटे सतेंद्र की लाश मिली थी। एसपी ने मृतक के बड़े भाई आशीष, गवाह सुनील व पिता से काफी देर तक पूछताछ की। तीनों ने हत्या की बात कही, जबकि पुलिस को मौके से हत्या का कोई सबूत नहीं मिला है। यहां तक की फोरेंसिक टीम ने भी हत्या किए जाने की बात से इनकार किया है।
परिजनों ने विशुनगढ़ पुलिस पर आरोपियों से मिले होने का आरोप लगाते हुए आईजी से विवेचना स्थानांतरित कराए जाने की मांग की थी, जिस पर एसपी ने पहले ठठिया थानाध्यक्ष अजयराज वर्मा को जांच सौंपी, बाद में दूरी होने के कारण सौरिख थानाध्यक्ष संतोष कुमार व्यास को विवेचना सौंपी। एसपी ने बताया कि पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं को आधार मानकर जांच कर रही है। फिलहाल घटना आत्महत्या की ओर इंगित कर रही है। शीघ्र ही घटना का खुलासा किया जाएगा। इस दौरान विशुनगढ़ थानाध्यक्ष रवींद्रनाथ यादव और सौरिख थानाध्यक्ष संतोष कुमार व्यास भी मौजूद थे।
कहां गया हथेली पर रखा कारतूस!
सतेंद्र वर्मा की बांयी हथेली में एक 315 बोर का कारतूस रखा था। गांव के ही एक युवक ने घटना के तुरंत बाद मोबाइल से फोटो खींचे थे। ये फोटो पुलिस के हाथ लग गए। जब तक पुलिस पहुंची तब तक कारतूस गायब हो चुका था। पुलिस इसी फोटो को आधार मानकर जांच कर रही है। मृतक के भाई आशीष ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने भी सतेंद्र के हाथ में कारतूस देखा था, जिसे बाद में किसी ग्रामीण ने निकाल लिया। अब सवाल यह उठता है कि सतेंद्र शौच के लिए गया था, तो उसके हाथ में कारतूस कहां से आया। वहीं, दबी जुबान से ग्रामीणों ने बताया कि सतेंद्र के दाएं हाथ में तमंचा भी था, जिसे परिजनों ने छिपा दिया था और गांव के चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया।
मोबाइल कॉल डिटेल भी कह रही प्रेम-प्रसंग की बात
पुलिस ने सतेंद्र के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि उसकी मौत से पहले उसने गांव में ही अपनी प्रेमिका को कई फोन किए थे, जिस पर प्रेमिका खेत पर पहुंची। वहीं उसने प्रेमिका की बेवफाई से क्षुब्ध होकर खुद को गोली मार ली। यह प्रेमिका एक हत्यारोपी की बहन है, जिसे पुलिस ने उसी दिन उठा लिया था और उसने पुलिस को सारी कहानी बता दी। 22 अप्रैल को दोनों परिवारों में झगड़ा होने के बाद प्रेमिका ने सतेंद्र से दूरी बना ली और गांव के ही एक अन्य युवक से दोस्ती गांठ ली। यह बात सतेंद्र को हजम नहीं हुई और उसने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। एसपी हरीश चंदर ने बताया कि मामले की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है। हत्या के आरोप में किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा।
पुलिस के खिलाफ मृतक के परिजनों का धरना-प्रदर्शन
मंगलवार को ग्राम खरौली निवासी दफेदार सिंह परिजनों के साथ तहसील पहुंचे। उन्होंने दरी बिछाकर परिवार की महिलाओं के साथ धरना दिया। उन्होंने एसडीएम के ज्ञापन सौंपकर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। काफी देर तक परिजन तहसील में डटे रहे। एसडीएम ने जब कार्रवाई कराने का भरोसा दिया, तब वह लोग अपने घर को चले गए। परिजनों का आरोप है कि पुलिस जानबूझ कर हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है, जिससे वह लोग खुलेआम घूम रहे हैं तथा घटना में गवाह सुनील को लगातार धमका रहे हैं।
क्या था मामला
छिबरामऊ। 16 जून को सुबह 10 बजे विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम खरौली निवासी रिटायर्ड फौजी दफेदार सिंह वर्मा के बेटे सतेंद्र वर्मा की गोली लगने से मौत हो गई थी। मृतक के बड़े भाई आशीष ने गांव के ही राकेशचंद्र, लालाराम, दिलीप व ब्रजेश के खिलाफ भूमि विवाद की रंजिश में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।