आरोपी देवेंद्र से पूछताछ करते प्रभारी निरीक्षक एके सिंह व फतेहगढ़ एसएसआई प्रदीप यादव।
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सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री का करीबी बताकर एक युवक ने नौकरी देने के नाम पर करीब दो करोड़ रुपये ठग लिए। इसके बाद वह फरार हो गया। सूचना पर लोगों ने फतेहगढ़ के एक निजी अस्पताल से उसे पकड़ लिया। वहीं, युवक के चाचा ने पुलिस को अपहरण की फर्जी सूचना दे दी, जिस पर पुलिस उसे पकड़कर कोतवाली ले आई।
गुरुवार को फतेहगढ़ पुलिस को सूचना मिली कि कानपुर रोड स्थित एक प्राइवेट हास्पिटल से दिनदहाड़े युवक का अपहरण हो गया है। पुलिस ने नाकेबंदी की तो पता चला कि कुछ लोग युवक को कार में डालकर छिबरामऊ की तरफ गए हैं। फतेहगढ़ कोतवाल अनूप कुमार निगम ने इसकी जानकारी कोतवाली छिबरामऊ में दी। साथ ही फतेहगढ़ कोतवाली के एसएसआई प्रदीप कुमार यादव ने कार का पीछा किया और इधर से छिबरामऊ कोतवाली पुलिस के उपनिरीक्षक राजीव कुमार ने फर्रुखाबाद रोड पर चेकिंग लगा दी। थोड़ी देर बाद पुलिस के हत्थे कार चढ़ गई। पुलिस उन्हें लेकर कोतवाली आईं, जहां पूछताछ की गई तो मामला करोड़ों की ठगी का निकला।
ठगी का आरोपी देवेंद्र प्रजापति नगर के मोहल्ला चौधरियान आवास विकास कालोनी का रहने वाला है। उसने सपा सरकार में मंत्री का करीबी बताकर नौकरी लगवाने के नाम पर सैकड़ों लोगों से ठगी की है। आवास विकास के ही ऋषि कुमार, शिवेंद्र कुमार, रंजीत कुमार व संजीव कठेरिया ने उसे फतेहगढ़ में एक अस्पताल से पकड़ लिया था, जब वह स्कूटी से दवा लेने के लिए आया था।
प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने बताया कि देवेंद्र प्रजापति ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान हरदोई के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर वहां लोगों को शिक्षक की नौकरी दिलवाई थी। जिसमें टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की फर्जी मार्कशीट लगाई गई थी। सत्यापन के बाद उन लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया और कोतवाली हरदोई में 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
इसी तरह देवेंद्र ने डायट रजलामई (फर्रुखाबाद) में भी नौकरी के नाम पर लोगों से ठगी की थी। काउंसलिंग के बाद हुए सत्यापन में 33 लोगों के कागज फर्जी पाए गए थे, जिस पर फर्रुखाबाद जिले की कोतवाली फतेहगढ़ में भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने देवेंद्र समेत 33 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अलावा उसने लेखपाल भर्ती के नाम पर भी कई लोगों को ठगा था। सभी मामलों की छानबीन की जा रही है। पुलिस का मानना है कि ठगी के इस रैकेट में प्रदेश के कई जनपदों के शिक्षा विभाग के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। देर शाम फतेहगढ़ पुलिस देवेंद्र को अपने साथ लेकर चली गई।