फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कालेज प्रशासन की लापरवाही से हुआ बवाल

Tue, 31 Oct 2017 12:43 AM IST
kannauj
विज्ञापन
घटना स्थल पर पड़े पत्थर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
तिर्वा। मेडिकल कालेज में हुए बवाल के पीछे के कालेज प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। कई दिनों से जूनियर छात्र और सीनियर छात्रों के बीच रैगिंग को लेकर माहौल तनावपूर्ण चल रहा है। रैगिंग के शिकार छात्रों ने मेडिकल कालेज प्रशासन से शिकायत की थी, लेकिन अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इससे सोमवार की रात को मामला इतना बढ़ गया कि कालेज परिसर में सीनियर छात्र हिंसा पर उतारू हो गए।    
विज्ञापन


 राजकीय मेडिकल कालेज परिसर में 20 दिनों से सीनियर छात्र जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग कर रहे थे। बताते हैं कि जूनियर छात्रों ने इसकी शिकायत प्राचार्य डीएस मारतोलिया और सीएमएस दिलीप सिंह से की थी, लेकिन सभी ने मामले को दबा दिया और सीनियर छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार रात को जब जूनियर छत्रों ने एकजुट होकर मामले को पुरजोर तरीके से हास्टल वार्डेन के सामने रखा तो बात बढ़ गई।

सीनियर छात्रों को फटकार लगाई गई तो रात ये सभी लामबंद हो गए और दो सौ से ज्यादा सीनियर छात्रों ने हास्टल पर हमला बोल दिया। मौके पर पहुंचे प्राचार्य और सीएमएस ने जूनियर छात्रों को समझा कर हॉस्टल के अंदर कर दिया। लेकिन सीनियरों ने सारी हदें पार कर दीं और जूनियर छात्रों के हॉस्टल पहुंचकर तोड़फोड़ के साथ पथराव करने लगे। पथराव में सीएमएस और प्राचार्य ने भी किसी तरह खुद को बचाया। इस घटना में करीब जूनियर छात्रों और गार्ड समेत 20 लोग घायल हो गए। मेडिकल कालेज में बवाल की जानकारी मिलते ही मौके पर कई थानों का फोर्स के साथ अपर पुलिस अधीक्षक केशवचंद्र गोस्वामी, सीओ मेानिका यादव व सीडीओ अवधेश बहादुर सिंह और तिर्वा कोतवाल पहुंच गए और जूनियर व सीनियर छात्रों के समझौता का प्रयास करने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें