बहवलपुर उपकेंद्र पर ताला बंदी करते ग्रामीण।
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बहवलपुर सबस्टेशन से जुड़े एक सैकड़ा से अधिक गांवों में एक पखवाड़े से बिजली नहीं मिलने से भड़के ग्रामीणों ने बिजलीघर में धावा बोलकर वहां मौजूद कर्मियों को बंधक बनाकर मेन गेट पर ताला डाल दिया। एक किसान ने उपकेंद्र में ही दरी बिछाकर अनशन शुरू कर दिया। शाम तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था। पिछले करीब एक माह से एक सैकड़ा से ज्यादा गांवों में बिजली नहीं मिलने से सभी नलकूप ठप पड़े हैं और गेहूं की फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है।
इससे भड़के मुड़िया, बिसवां, पलिया बूंचपुर, तिगुडिय़ा, खगू नगला, मछरिया, भावलपुर, त्योर, बूंचपुर, दुर्गा नगला के ग्रामीणों ने सोमवार को दोपहर 33 केवी सब स्टेशन बहवलपुर में धावा बोल दिया। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए वहां मौजूद विद्युतकर्मियों को बंधक बना लिया और उन्हें जमकर खरीखोटी सुनाई। ग्रामीणों का आक्रोश इतने पर भी शांत नहीं हुआ। उन्होंने उपकेंद्र के मेन गेट पर ताला डाल दिया। ग्रामीण काफी देर तक हंगामा करते रहे, लेकिन इस बीच जानकारी के बावजूद कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इस दौरान ग्राम पलिया बूंचपुर के किसान सुखवेंद्र कुमार दुबे ने मेन गेट पर अनशन शुरू कर दिया। उनके साथ तमाम ग्रामीण भी हौसलाअफजाई को बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप था कि विद्युतकर्मियों और अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। विभाग बकाया बिल की वसूली के लिए तो दबाव बनाता है, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं देता। क्षेत्र में पिछले एक माह से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से चरमाई हुई है।
शिकायत के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बिजली नहीं मिल पाने से सिंचाई कार्य बाधित है। इससे खेतों में खड़ी फसलें सिंचाई के अभाव में सूखकर चौपट हो रही हैं। अनशन पर बैठे किसान सुखवेंद्र कुमार दुबे ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक ग्रामीणों की समस्याओं का समुचित निदान नहीं हो जाता तब तक वह अनशन पर बैठे रहेंगे।