अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। जेल में बंद कैदियों से मुलाकात करना अब आसान नहीं होगा। जेल गेट पर कंट्रोल रूम बनाकर पुलिस महकमे ने डेरा डाल दिया है। कैदियों से मुलाकात करने पहुंचने वाले लोगों की स्कैनिंग और सत्यापन के बाद ही उन्हें मिलने की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा जेल परिसर व मुलाकातियों पर पुलिस सीसी टीवी कैमरों से निगरानी भी रखेगी।
सिफारिश और धन-बल के चलते जेल में बंद अपराधियों से मुलाकात करना अब आसान नहीं है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जेल गेट पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। मुख्य गेट से लेकर जेल की बाहरी हिस्सों में कई सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हैं। इससे वहां की हर गतिविधि पर पुलिस नजर रख सकेगी।
इतना ही नहीं जेल में बंद कैदियों से मुलाकात के लिए जेल गेट पर पहुंचने वाले लोगों की पूरी तरह से जामा तलाशी के साथ उनकी अंगुलियों की फिंगर प्रिंट, फोटोग्राफी के साथ पूरी स्कैनिंग की जाएगी। इसके बाद एक फार्म भरा कर उनका सत्यापन किया जाएगा। फार्म मेें बंदी के माता-पिता के नाम के अलावा उसकी जन्मतिथि और मुकदमा अपराध संख्या के अलावा मिलने वाले व्यक्ति का पूरा विवरण व दो आईडी की फोटो के साथ एक फोटो भी चस्पा करना होगा। इसके बाद ही सिपाही उसे मुलाकात गृह में जाने की अनुमति देंगे।
इन कारणों से उठाना पड़ा कदम
बीते दिनों जेल में हुए बवाल के अलावा हाल में ही मुलाकात करने पहुंची महिला के बैग में कारतूस मिला था। इसके अलावा छिबरामऊ कांशीराम कालोनी में हुए विस्फोट की भी कुछ कड़ियां जेल से जुड़ी होने के आसार मिले हैं। इससे पुलिस अधीक्षक हरीश चंदर ने जेल में इस तरह के कड़े इंतजाम करने का फैसला लिया है।
वर्जन
कैदियों से मुलाकात करने वाले लोगों की निगरानी और जेल में किसी तरह से प्रतिबंधित वस्तु न पहुंच सके। इसके लिए जेल गेट पर सीसी टीवी कैमरे लगाए गए है। इसके लिए अलग से सिपाहियों को तैनात किया गया है। मुलाकात करने वाले लोगों से पूछताछ कर स्कैनिंग और सत्यापन के बाद ही अंदर जाने दिया जाएगा। - हरीश चंदर, पुलिस अधीक्षक
- पुलिस महकमे ने कंट्रोल रूम बनाकर जेल परिसर में लगाए सीसी कैमरे
- सिफारिश और धन का लालच देकर बंदियों से नहीं हो सकेगी मुलाकात