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हत्यारोपी पूर्व जिला पंचायत सदस्य को दबोचा

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सौरिख। शिक्षिका पत्नी की हत्या का मुख्य आरोपी पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनीष यादव डंपी को एक माह बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चर्चा है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अभी तक वह बचता घूम रहा था, लेकिन गिरफ्तारी का दबाव बढ़ने पर पुलिस को दबोचना पड़ा। पुलिस को अभी भी इस हत्याकांड में तीन आरोपियों की तलाश है।
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सौरिख एसओ राजकुमार सिंह ने पाल चौराहा के पास से फरार चल रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य मनीष यादव डंपी को गिरफ्तार किया है। मालूम हो कि 30 अप्रैल की रात मनीष यादव डंपी ने शिक्षिका पत्नी कुमकुम यादव उर्फ चंचल की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

इस मामले में उसके भाई कपिल देव यादव ने डंपी, उसकी मां पूर्व चेयरमैन कांती देवी यादव, बड़े भाई महेंद्र सिंह यादव और जेठानी जिला पंचायत सदस्य उपमा यादव के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे।
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एसओ ने बताया कि मुख्य आरोपी मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अभी अन्य फरार हैं। उनकी भी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं इस घटना में पुलिस का भी खेल रहा है। इसका उदाहरण है कि पुलिस ने घटना के अगले दिन ही मुकदमा दर्ज करने के बाद हत्यारोपी सास कांती देवी को हिरासत में ले लिया था।

पुलिस सूत्रों की माने तो राजनीति पैठ रखने वाले डंपी ने करीबी नेताओं से दबाव डलवाया, जिसके बाद पुलिस ने हत्यारोपी सास को घर भेज दिया। अब पुलिस इन आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

इतनी आसानी से कैसे हाथ लगा डंपी
सौरिख। पुलिस दावा कर रही थी कि टीम डंपी की तलाश में लगी है, जल्द गिरफ्तारी होगी। लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा था। सोमवार रात पुलिस ने उसे पाल चौराहे से गिरफ्तार करने का दावा किया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर डंपी इतनी आसानी से कैसे पुलिस के हाथ लग गया। जाहिर है उसकी गिरफ्तारी की कहानी पहले से ही पुलिस ने तैयारी कर ली थी।
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शिक्षिका पत्नी की हत्या में चल रहा था वांछित, एक माह बाद हुई गिरफ्तारी
अमर उजाला ब्यूरो
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