कन्नौज। नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत के मामले में बड़ी लापरवाही सामने आई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दो चिकित्सा अधिकारियों की टीम गठित कर पूरे मामले की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। वहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि अप्रशिक्षित युवक ने आपरेशन किया था। इसके बाद भी पुलिस मामला दर्ज करने में आनाकानी कर रही है।
सदर कोतवाली के रामबक्सपुरवा मियांगंज निवासी प्रवीण कुमार पाल ने प्रसव पीड़ा के चलते सोमवार को 22 वर्षीय पत्नी विमला देवी को पाल चौराहे पर स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। आपरेशन के दौरान विमला देवी की मौत हो गई। परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया था। इससे स्टाफ भाग गया। मंगलवार को प्रवीण कुमार की मांग पर सीएमओ डा. कृष्ण स्वरूप ने डा. देव ऋषि गुप्ता और डा. इरशाद मोहम्मद के पैनल से पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आपरेशन के बाद ठीक तरह से टांके न लगने की बात सामने आई है। दरअसल टांके ठीक न लगने से अधिक खून बह गया। इससे विमला देवी की मौत हो गई। सीएमओ ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राम मोहन तिवारी और डा. जेपी सलोनिया को मामले की जांच सौंपी है। तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। वहीं कोतवाल विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सर्जन के चेले द्वारा आपरेशन करने की चर्चा
शहर के पाल चौराहे पर करीब आधा दर्जन अस्पताल संचालित हैं। कम पैसों में मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर यह लोग भर्ती कर लेते हैं। सर्जन और एनस्थेसिया के डाक्टर की फीस बचाने के लालच में अप्रशिक्षित युवकों से आपरेशन करा देते हैं। बताया जा रहा है कि तिर्वा में एक नर्सिंग होम संचालक सर्जन के पास एक युवक ओटी में काम करता था। उसने विमला का आपरेशन किया था। घटना के बाद से नर्सिंग होम संचालक गायब चल रहा है।
टांके लगाने में हुई लापरवाही से गई थी प्रसूता की जान
आपरेशन के बाद ठीक तरह से टांके न लगने के कारण बहता रहा खून, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने पूरे मामले की जांच के लिए गठित की टीम