अमर उजाला ब्यूरो
तिर्वा। सेंट्रल बैक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक ने फर्जी कागजातों के आधार पर पीड़ित के नाम पर दो वर्ष पांच लाख रुपये से ज्यादा का ऋण जारी किया। यह राशि बैंक प्रबंधक ने अपने तीन अन्य साथियों की मदद से हड़प ली। किस्त अदायगी का नोटिस आने पर पीड़ित किसान को खुद के साथ हुई इस ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने रविवार को बैंक प्रबंधक समेत चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
ठठिया थानाक्षेत्र के दन्नापुर्वा गांव निवासी शमशेर सिंह पुत्र सालिगराम किसान है। उन्होंने बैंक से किसान क्रे डिट कार्ड बनवाने के लिए छतरपुर गांव निवासी राजवीर सिंह को कागजात दे दिए थे। करीब एक माह बाद ही राजवीर ने उनको बताया कि बैंक उसका क्रेडिट कार्ड नहीं बना रही है। इसके बाद बात आई गई हो गई। चार माह पहले शमशेर को सेंट्रल बैंक की मेडिकल कॉलेेज शाखा से नोटिस मिला। जिसमें पांच लाख 16 हजार का ऋण दर्शाकर उसकी अदायगी के लिए भुगतान जमा करने को कहा गया। नोटिस मिलने पर वह बैंक पहुंचा। तब पता चला कि उसके इंतखाब पर किसी अन्य व्यक्ति का फोटो लगाकर ऋण जारी किया गया। पत्रावली में मानसिंह व दिवारीलाल के गारंटर के रूप में हस्ताक्षर भी है। इसके बाद वह एसपी से मिला और उनको शिकायत दी। एसपी ने मामले की जांच कराई। आरोप सही पाए जाने पर रविवार को बैंक के शाखा प्रबंधक समेत चार लोगाें के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया है।
सेंट्रल बैंक के मैनेजर ने हड़पे पांच लाख
- फर्जी कागजों से पीड़ित के नाम पर जारी किया कृषि ऋण
- किसान की तहरीर पर चार आरोपी नामजद