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जेल में ही रहेंगे एनएसए के आरोपी

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कन्नौज। सामूहिक नमाज रोकने गई पुलिस टीम पर हमले के मुख्य आरोपियों को राहत नहीं मिली है। मौलाना समेत एनएसए के तीनों आरोपियों की हाईकोर्ट और गृह मंत्रालय ने याचिका खारिज कर दी है। तीनों आरोपियों को एक साल तक जेल में रहना होगा। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने इसकी पुष्टि की है।
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तीन अप्रैल 2020 को शहर के मोहल्ला में कागजियाना में लॉकडाउन के दौरान मोहम्मद शाबिर के सामूहिक नमाज चल रही थी। जिसे रोकने के लिए उपनिरीक्षक आनंद सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे थे। इस दौरान नमाज अदा कर रहे मौलाना अखलाख पुत्र इश्तियाक निवासी अल्लामा इकबाल समधन गुरसहायगंज, मोहम्मद शाबिर और मोहम्मद शाकिर ने लोगों के साथ पुलिस टीम पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। जिसमें सिपाही सौदान सिंह और एलआईयू सिपाही घायल हो गए थे। डीएम ने मोहम्मद शाकिर, शाबिर और मौलाना अखलाख की गिरफ्तारी के बाद तीनों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की कार्रवाई की थी।
जेल में बंद तीनों आरोपियों के परिजनों ने हाईकोर्ट में एनएसएन को माफ करने की याचिका डाली थी। जिसे खारिज कर दिया था। इसके बाद आरोपियों ने गृह मंत्रालय दिल्ली में भी याचिका दायर की थी। गृह मंत्रालय ने भी जिला प्रशासन से आरोपियों के बारे में जानकारी कर याचिका खारिज कर दी है। डीएम राकेश कुमार मिश्र ने बताया कि तीनों आरोपियों की हाईकोर्ट और गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून की याचिका खारिज कर दी है। एक साल तक एनएसए के तहत जेल में रहना होगा।
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इनसेट...
48 आरोपियों को जेल भेज चुकी है पुलिस
लॉकडाउन का उल्लंघन कर नमाज रोकने पहुंची पुलिस टीम पर हमले के मामले में पुलिस ने 28 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। जांच में कई और नाम सामने आए थे। इससे पुलिस अबतक इस मामले में 48 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। जिसमें चंदू उर्फ मोहम्मदी हनीफ, फजील अहमद, हीरू उर्फ मोहम्मद शफीक, मोहम्मद फैसल, शेरू उर्फ मोहम्मद तौकिर, मोहम्मद आकिल, मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद कौनेन, मोहम्मद रिजवान और मोहम्मद अली आदि शामिल हैं।
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