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तीन बदमाश गिरफ्तार, अरौल डकैती का खुलासा

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अरौल डकैती कांड का खुलासा करते एसएस और एएसपी , पीछे काले नकाब में खड़े बदमाश। - फोटो : KANNAUJ
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कन्नौज। कानपुर नगर के अरौल कस्बे में सराफा कारोबारी के घर दो करोड़ की डकैती डालने वाले गैंग के सरगना समेत तीन बदमाशों को पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों के पास से 53 लाख रुपये के जेवर, नकदी, तीन तमंचे और कार बरामद की गई है। शातिर बदमाशों पर कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है।
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एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने गुरुवार को बताया कि बुधवार रात करीब एक बजे सर्विलांस टीम प्रभारी शैलेंद्र सिंह, स्वाट प्रभारी राकेश कुमार, सदर कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक और वरिष्ठ उप निरीक्षक एनएल सिंह ने हरदोई रोड पर गीतांजलि शीतगृह के पास होंडा सिटी कार की घेराबंदी की। पुलिस को देख कार में सवार लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी, खुद का बचाव कर पुलिस ने कार में सवार तीन बदमाशों को दबोच लिया। बदमाशों ने अपने नाम रविदास उर्फ करिया पुत्र राम प्रकाश निवासी शेखाना, भुन्नू पुत्र रामबाबू निवासी बगिया फजल इमाम और अनिल पुत्र परशुराम निवासी हीरापुर्वा बताया। तीनों के पास से 755 ग्राम सोने के जेवर, 29 किलो 650 ग्राम चांदी के जेवर, दो हजार रुपये, तीन तमंचा और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने कार को भी कब्जे में ले लिया है।
एसपी ने बताया कि बदमाशों ने बिल्हौर कोतवाली क्षेत्र के अरौल निवासी सराफा कारोबारी विमल सिंह के घर 14 जून 2020 की रात डकैती की वारदात कबूल की है। करीब नौ बदमाशों ने विमल सिंह को बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा था और अलमारी के ताले तोड़ कर करीब दो करोड़ के सोने और चांदी के जेवर व 50 हजार की नकदी लूट ले गए थे। कारोबारी की बेटी अलका सिंह ने बिल्हौर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इस गैंग पर शक के आधार पर कन्नौज पुलिस छानबीन में जुटी थी। एसपी के साथ एएसपी विनोद कुमार भी रहे।
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साइकिल चोर करिया 10 साल में बना डकैतों का सरदार
कन्नौज। साइकिल चोरी से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला रविदास उर्फ करिया 10 साल में डी-15 गैंग का सरदार बन गया। अनपढ़ करिया के खिलाफ 22 मुकदमे दर्ज हैं।
शहर के मोहल्ला शेखाना निवासी 35 वर्षीय करिया बचपन से ही अपराधी प्रवृत्ति का था। पहले उसने साइकिलों की चोरी की फिर मोटर साइकिल चुराने लगा। इसके बाद चोरियों की वारदात करने लगा। 2009 में चोरी में जेल गया था। 2010 में जेल बाहर आने के बाद भुन्नू, अनिल और सात अन्य बदमाशों के साथ लूटपाट करने लगा। शहर कोतवाली में उसने नाम चोरी और लूट के कई मुकदमे दर्ज हुए। इसके बाद डी-15 गैंग बनाकर कानपुर, लखनऊ में बड़ी डकैतियां कीं। पुलिस के मुताबिक अनपढ़ होने के बाद भी करिया बेहद शातिर है। वारदात के दौरान गैंग का कोई भी सदस्य मोबाइल का प्रयोग नहीं करता और बदल-बदल कर भाषाओं में बात करते हैं। इससे पुलिस और पीड़ित गुमराह हो जाते थे। सदर कोतवाल नागेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि करिया के खिलाफ 22, भुन्नू वाल्मीकि पर 15 और अनिल के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज है। गैंग के फरार सदस्यों की तलाश की जा रही है।
बड़ी चोरी में धरा गया था करिया का भाई बबलू
कन्नौज। करिया का छोटा भाई बबलू भी गैंग को संचालन करता था। 2019 में लूट के जेवरों के बंटवारे को लेकर विवाद होने पर बबलू गैंग से अलग हो गया था। इसके बाद उसने अलग गैंग बना लिया। मार्च 2020 में होली के तीसरे दिन सरायमीरा में डाक बंगला रोड निवासी अरविंद सिंह के घर बबलू गैंग ने चोरी की थी। लाइसेंसी बंदूक के साथ करीब पांच लाख के जेवर पार कर दिए थे। उसी वारदात में पुलिस ने बबलू और उसके चार साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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