मृतक की पत्नी और बच्चों को महिलाओ ने संभाला।
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छिबरामऊ। असालताबाद बहादुरपुर गांव में गृहकलह से परेशान युवक ने शुक्रवार रात घर के कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। वह लॉकडाउन में काम बंद होने से दिल्ली से घर लौटा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
गांव के सुरेश चंद्र यादव का पुत्र मोहन उर्फ मोनू (26) दिल्ली में एक प्राइवेट कंपनी में पिकअप चलाता था। लॉकडाउन के दौरान वह घर लौट आया था। शुक्रवार रात करीब 10 बजे मोहन कमरे में सोने के लिए चला गया। रात में आंख खुलने पर पत्नी रूबी उर्फ पूनम की आंख खुली तो मोहन को बिस्तर पर नहीं था। रूबी ने छत पर जा कर देखा तो कमरे में मोहन फांसी के फंदे पर लटका था। ये देख रूबी की चीख निकल गई। आवास सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और मोहन को फंदे से उतारकर सौ शय्या अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना पर विशुनगढ़ थाना पुलिस ने जांच कर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। रूबी का मायका तिर्वा के सिरौली गांव में है। मोहन के परिवार में पिता सुरेश चंद्र, चार वर्षीय बेटी अन्याशी व तीन वर्षीय बेटा आयुष है। थानाध्यक्ष कृष्ण लाल पटेल ने बताया कि जांच में गृहकलह की बात सामने आई है।
फांसी पर लटका मिला युवक का शव
तिर्वा। रमजनापुर गांव में युवक का शव गांव के बाहर पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गांव का निरोत्तम सिंह (28) पुत्र बांकेलाल शनिवार सुबह करीब पांच बजे घर से खेतों पर नित्यक्रिया की बात कहकर निकला था। कुछ देर बाद ग्रामीण को एक कटहल के पेड़ पर उसका शव लटका मिला। सूचना पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। भाई अजीत पाल ने आत्महत्या की तहरीर दी है। कोतवाल इंद्रपाल सरोज ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। संवाद