ठठिया(कन्नौज)। बाइक से बहन की दवा दिलाने जा रहे युवक को रास्ते में दो लोग मिलने पर उनके साथ चला गया। करीब आधे घंटे तक रोड पर भाई का इंतजार करने के बाद बहन ने पुलिस को सूचना दी। तलाश करने पर करीब पांच किलोमीटर दूर निचली गंग नहर में युवक की बाइक पड़ी मिली। पास में ही खून के निशान मिले। इससे पुलिस अधिकारियों ने युवक की हत्या कर नहर में शव फेंकने की आशंका जताई।
इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव गसीमपुर निवासी बलराम यादव (28) पुत्र लायक सिंह चार बहनों में अकेला है। रविवार सुबह करीब छह बजे वह 17 वर्षीय छोटी बहन विनती यादव को दवा दिलाने के लिए बर्रा ककवन कानपुर जा रहा था। तभी उमर्दा नहर के पुल के पास बलराम यादव को दो बाइक सवार व्यक्ति मिले गए। बलराम ने बहन को हेलमेट पकड़ा कर पांच मिनट में जरूरी बात बोलकर दोनों के साथ बाइक लेकर चला गया। करीब आधा घंटे बाद बलराम के न लौटने पर उसकी बहन ने राहगीरों को घटना बताई। इससे राहगीरों ने यूपी डायल को फोन कर बुला लिया। जानकारी होने पर ठठिया थाना प्रभारी विजय बहादुर वर्मा भी पहुंच गए। उमर्दा से करीब पांच किलोमीटर दूर ठठिया क्षेत्र के गांव परसौनपुर्वा के पास निचली गंग नहर में बलराम की बाइक मिली। थोड़ी ही दूर पर काफी खून पड़ा मिला। इससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, एएसपी विनोद कुमार, सीओ सुबोध कुमार जायसवाल फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मिले खून के निशान और बहन विनती यादव से पूछताछ के बाद युवक की हत्या कर शव नहर में फेंकने की आशंका जताई। एसपी के निर्देश पर गोताखोंरों ने करीब छह घंटे तक नहर में बलवीर की तलाश में छानबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में हत्या की आशंका लग रही है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच चल रही है। वहीं पिता लायक सिंह और बलराम की पत्नी करूणा देवी समेत पूरा परिवार बेसुध है। लायक सिंह ने बताया कि दो साल पूर्व बेटे की शादी हुई है। एक माह पूर्व ही उसकी बेटी हुई है।
उमर्दा। नहर में बाइक और पास में ही सूनसान जगह पर खून के निशान मिलने से परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए। फॉरेंसिक टीम प्रभारी रावेंद्र श्रीबास्तव, संजीव और राहुल ने गहनता से छानबीन की। नहर के पास सूनसान कच्ची रास्ते के पास काफी मात्रा खून मिला। यहां से नहर किनारे तक 170 मीटर तक खून के धब्बे मिले। घास देखकर टीम ने बलराम को घसीट कर नहर में फेंकने की आशंका जताई है। भाई के लापता होने के बाद पुलिस अधिकारियों को पूछताछ के दौरान विनती ने बताया कि उमर्दा नहर के पुल के पास बाइक से आए दो लोगों ने भैया को रोक लिया। एक व्यक्ति से भैया चाचा कहकर बात कर रहे थे। एक मिनट बात करने के बाद भैया उनके साथ पांच मिनट में आने की बात कह कर चले गए। इससे जाहिर हो रहा है कि आरोपियों से बलराम की पहले से जान-पहचान थी और किसी बात को लेकर उनके साथ गया होगा।
लापता बलराम की तलाश के लिए लखनऊ से एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। शाम करीब साढ़े पांच बजे तक एसडीआरएफ टीम ने बलराम की तलाश में नहर की तलहटी तक खंगाली, लेकिन सफलता नहीं मिली। शाम हो जाने के कारण टीम ने अभियान को रोक दिया। एएसपी ने बताया कि सुबह होते ही टीम बलराम की तलाश में जुट जाएगी। इसके अलावा स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है।