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पिता की हत्या के बाद घायल बेटे ने तोड़ा दम, पत्नी गंभीर

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गांव में तैनात पुलिस फोर्स। संवाद - फोटो : CHIBRAMAU
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छिबरामऊ (कन्नौज)। रंजिश में घर के मुखिया की हत्या के दूसरे दिन सोमवार को घायल बेटे ने भी दम तोड़ दिया। मुखिया की पत्नी भी कानपुर के निजी अस्पताल में जिंदगी-मौत से संघर्ष कर रही है। वारदात के बाद गांव में तनाव बना हुआ है।
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ग्राम सबलपुर में तीन माह पहले घर में बकरी जाने को लेकर हुए हुए विवाद से पनपी रंजिश में रविवार सुबह लालू, दिनेश, भूरो, पूसे, रंजीत, नेके और महिलाओं ने पड़ोसी सुरेश चंद्र (65) के घर हमला कर दिया था। हमलावरों ने पीट-पीटकर सुरेश की हत्या कर दी थी। हमले में घायल सुरेश के बेटे कमलेश (45) ने सोमवार सुबह मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। सुरेश की पत्नी बिट्टन (50) की हालत नाजुक बनी हुई है। कानपुर के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है। सोमवार को पिता-पुत्र का शव दरवाजे पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। चीख-पुकार से गांव की गलियों का सन्नाटा टूट गया। तनाव को देखते हुए एएसपी अरविंद कुमार ने सुरक्षा-व्यवस्था की कमान संभाली। गांव में सौरिख, विशुनगढ़, गुरसहायगंज की पुलिस व पीएसी तैनात है।
दरोगा ने दिया सुरक्षा का भरोसा फिर दिया दगा
छिबरामऊ। सबलपुर गांव में हुई वारदात के बाद से पीड़ित परिवार खौफजदा है। कमलेश की पत्नी रेखा का आरोप है कि दरोगा ने उनको सुरक्षा का भरोसा दिलाया था। इसके बदले में दरोगा ने डेढ़ लाख रुपये लिए थे। इससे हिम्मत जुटा कर दिल्ली से ससुर और पति गांव लौटे थे, लेकिन दरोगा ने उनके साथ दगा कर दिया।
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पति कमलेश की हत्या के बाद गुमसुम बैठी रेखा ने बताया कि तीन माह पहले हुए झगड़े के बाद पति, देवर व ससुर दिल्ली चले गए थे। वह बच्चों को लेकर अपने मायके बिबिया जलालपुर चली गई। हमलावरों के बुलंद हौसलों के कारण वे लोग गांव में आने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। दरोगा से बात की गई तो उन्होंने डेढ़ लाख रुपये लिए। इतनी बड़ी रकम उन्होंने रिश्तेदारों से उधार लेकर जुटाई थी। इसके बाद शुक्रवार को वह पति, ससुर व देवरों के साथ गांव लौट आई। उनके परिजनों को मारने के लिए बाहर से लोग बुलाए गए थे।
रविवार की सुबह ही परिजनों पर हमला कर दिया गया। रेखा का कहना है कि यदि पुलिस पहले ही दूसरे पक्ष पर कार्रवाई कर देती तो उसके पति व ससुर जिंदा होते और सास भी जिंदगी और मौत से न जूझ रही होती। वे अभी भी वारदात को याद कर कांप जाती हैं और खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

सुरेश चंद्र (फाइल फोटो)। संवाद- फोटो : CHIBRAMAU

कमलेश (फाइल फोटो)।- फोटो : CHIBRAMAU

अपने बच्चों के साथ गमगीन बैठी मृतक की पत्नी रेखा। संवाद- फोटो : CHIBRAMAU

गांव की गली में पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : CHIBRAMAU

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