ऋषि की फोटो के साथ पिता सर्वेश यादव, भाई प्रशांत यादव और भाभी। संवाद
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कन्नौज। आठ साल पूर्व छात्र का अपहरण कर हत्या के मामले में कोर्ट ने चार अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। 13 जुलाई को कोर्ट फैसला सुनाएगा। वहीं एक अभियुक्त हाजिर नहीं हुआ है जिस पर कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। वहीं आरोपी नाबालिग है, जिसका मामला जुबेनाइल कोर्ट में चल रहा है।
उमर्दा ब्लॉक के दिसरापुर निवासी सर्वेश यादव गंगपुर कटरी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक हैं। उनकी पत्नी सुमन यादव दिसरापुर की प्रधान रह चुकी हैं। बेटे प्रशांत यादव और ऋषि यादव उर्फ आशू की बेहतर पढ़ाई के लिए तिर्वा-कन्नौज रोड धीरा ताल के सामने मकान में रहते थे। छोटा बेटा ऋषि हाईस्कूल में पढ़ता था। 25 नवंबर 2014 को उसके साथ पढ़ने वाला साथी स्कूल जाने के लिए बुला ले गया था।
इसके बाद दोस्त ने अपने अपराधी किस्म के दोस्त सलेमपुर तारा बांगर निवासी मोहित दुबे, संजय चौहान, सिपाही ठाकुर निवासी विजय यादव और चौहट्टा मोहल्ला निवासी अंकित के साथ मिलकर ऋषि का अपहरण कर लिया था। अंकित भी इनका दोस्त था। घर में अकेला रहता था। कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर अपहरणकर्ताओं ने अंकित के घर पर उसे बंधक बना लिया था।
शाम को सर्वेश यादव को फोन कर 12 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। इससे पहले की सर्वेश यादव उनकी प्रधान पत्नी रुपयों का इंतजाम कर पातीं कि अपहरणकर्ताओं ने पकड़े जाने के डर से ऋषि की हत्या कर घर के पीछे शव फेंक दिया था। पुलिस ने ऋषि के नाबालिग दोस्त समेत सभी पांचों पर रिपोर्ट दर्ज की है।
गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक दो शिवकुमार तिवारी ने मामले की सुनवाई की। गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने मोहित दुबे, अंकित पांडेय, विजय यादव और संजय चौहान को दोषी मानते हुए फैसला सुरक्षित कर लिया। 13 जुलाई को कोर्ट सजा सुनाएगी। शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि अभियुक्त संजय चौहान हाजिर नहीं हुआ। इससे कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। वहीं एक आरोपी नाबालिग है, जिसकी सुनवाई जुबेनाइल कोर्ट में चल रहा है।