कन्नौज। रंजिश में बुजुर्ग की हत्या कर शव तालाब में फेंकने के मामले में कोर्ट ने चार दोषियों को उम्रकैद सुनाई है। दोषियों में दो भाई भी हैं। सभी पर कोर्ट ने 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। साक्ष्य के अभाव में दो अभियुक्तों को कोर्ट ने बरी कर दिया है।
सौरिख थाना क्षेत्र के गांव शंकरपुर निवासी मातादीन (60) का 16 जुलाई 2012 को तालाब में शव मिला था। बेटे सुधीर सिंह ने गांव के दुर्विजय, प्रदीप, चंद्रशेखर, कुंवर बहादुर, जयवीर और अजब सिंह के खिलाफ पिता की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुधीर ने इसमें बताया था कि चाचा ज्ञानचंद्र का दुर्विजय से झगड़ा हुआ था। इसकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मुकदमे में समझौता न करने पर 15 जुलाई की शाम ये सभी लोग घर आए और पिता को बुलाकर ले गए। इसके बाद पिता नहीं लौटे। तलाश करने पर तालाब में उनका शव मिला।
मामले की विवेचना तत्कालीन सौरिख थाना प्रभारी संतोष कुमार अवस्थी और पुरुषोत्तम दीक्षित ने की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह शरीर में लगीं चोटें और गला दबाना सामने आया।
मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विशंभर प्रसाद ने मामले की सुनवाई की। साक्ष्यों के आधार पर दुर्विजय, कुंवर बहादुर, जयवीर और अजब सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। दुर्विजय और कुंवर बहादुर सगे भाई हैं। शासकीय अधिवक्ता तरुण चंद्रा ने बताया कि सभी दोषियों पर कोर्ट ने 15-15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। साक्ष्य न मिलने पर कोर्ट ने प्रदीप और चंद्रशेखर को दोषमुक्त कर दिया।