कन्नौज। रंजिश के चलते कुल्हाड़ी से मां-बेटे को घायल कर हत्या के प्रयास में एक ही परिवार के चार लोगों को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी कोर्ट ने दोषी करार दिया। सभी को पांच-पांच साल कैद और 10000 रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं इसी मामले में कोर्ट ने तीन लोगों को साक्ष्य के अभाव बरी कर दिया है।
छिबरामऊ कोतवाली के भारापुर निवासी सत्य प्रकाश कमल ने 29 नवंबर को कोतवाली में इच्छाराम, लज्जाराम, राजू उर्फ राजपाल, श्यामपाल उर्फ छोटे भैया, बृजेश उर्फ मंटू, रेनू देवी और रमा देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि रंजिश के चलते इन सभी लोगों ने 24 नवंबर 2017 को कुल्हाड़ी से उसकी पत्नी उमा देवी और बेटे अरुण पर हमला कर घायल कर दिया था। पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट और हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।
मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ श्रीकांत प्रजापति ने की थी। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट कोर्ट न्यायाधीश आनंद प्रकाश द्वितीय ने सुनवाई की। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर इच्छाराम, लज्जाराम, राजू उर्फ राजपाल, श्यामपाल उर्फ छोटे भैया को पांच साल कैद की सजा और 10 हजार का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। बृजेश उर्फ मंटू, रेनी देवी और रमा देवी की वारदात के दौरान मौजूदगी के साक्ष्य न मिलने पर बरी कर दिया।