कन्नौज। करीब सात साल पहले बरात के दौरान हर्ष फायरिंग के मामले में अदालत ने पांच साल की सजा सुनाई है। शराब के नशे में हर्ष फायरिंग के दौरान पैर में गोली लगने से एक युवक घायल हो गया था। सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने जज ने इंद्रजीत सिंह द्वितीय ने दोष सिद्ध होने पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास की काटनी पड़ेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गए।
शासकीय अधिवक्ता बृजेश शुक्ला ने बताया कि औरैया के दिबियापुर थाना क्षेत्र के शंकरपुर गांव निवासी रामनरेश ने सात मई 2016 को तालग्राम थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 16 अप्रैल 2016 को उसके गांव से वीरेंद्र सिंह के पुत्र ईंश्वर चंद्र की बरात कस्बा तालग्राम के मोहल्ला गांधीनगर में आई थी। बरात चढ़ने के बाद द्वारचार हो रहा था। तभी दूल्हे का मामा राजू निवासी बेनी का नगला थाना इकदिल इटावा अपनी लाइसेंसी बंदूक से शराब के नशे में अंधाधुंध फायरिंग करने लगा।
कई बार मना करने पर वह नहीं माना और एक गोली बेटे आकाश के बाएं पैर में लगी। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज इंद्रजीत सिंह ने राजू उर्फ राजीव को पांच साल कारावास और दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।