तिर्वा (कन्नौज)। ठठिया क्षेत्र के करसाह गांव में पिछले तीन साल से धर्मांतरण चल रहा था। साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेजा है है। अस्थायी चर्च से 20 बाइबिल, दो लीटर लिक्विड भी बरामद हुआ है। मामले की जांच सीओ तिर्वा को सौंपी गई है। पुलिस को जांच में पता चला है कि बैंक से कर्ज लेकर गांव के बाहर अस्थायी चर्च बनाई गई थी। यहां पर रोज प्रार्थना सभा होती थी।
बजरंग दल के जिला सह संयोजक अन्नू बाबा ने रविवार को करसाह गांव निवासी पन्नालाल, विद्यासागर और उमाशंकर पर अनुसूचित जाति के कुछ लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि गांव के बाहर एक मकान में रुपये का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए लोगों को इकट्ठा किया जाता है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वहां से तीन व्यक्तियों को हिरासत में लें लिया था। पुलिस ने मौके से ईसाई धर्म से जुड़ी कुछ किताबें, एक झोला और दो सील बंद बोतलें बरामद कीं। पुलिस ने उमाशंकर, विद्यासागर और पन्नालाल को गिरफ्तार कर लिया।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि धर्मपरिवर्तन अधिनियम के तहत मामले की प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए लोग ईसाई मिशनरी से जुड़े हैं और केरल के त्रिवेंद्रम में धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म ग्रहण कर चुके हैं।
ईसाई मिशनरी से फंडिंग की होगी जांच
सीओ कुलवीर सिंह ने बताया कि धर्मांतरण के लिए फंडिंग को लेकर जांच होगी। मुख्य आरोपी पन्नालाल रोजाना शाम को घर पर प्रार्थना का आयोजन करता था। प्रार्थना में गांव की महिलाएं, पुरुष व बच्चे शामिल होते थे। प्रार्थना में धर्म के बारे में जागरूक किया जाता था। सभी बाइबिल पढ़ते थे और प्रार्थना करते थे। किसी परेशानी से राहत दिलाने के लिए नशीला पदार्थ पिलाकर धर्म की गुणवत्ता का गुणगान करते थे। नशे में होने से धर्म के बारे में बताई गई हर बात उनके दिलो दिमाग में बैठ जाती थी। परेशानी से राहत और गरीबी से छुटकारे का सपना लोगों को धर्म परिवर्तन करने के लिए मजबूर करता था।
जमीन खरीदकर बनवाई थी चर्च
दक्षिण भारत से लौटने के बाद तीन साल पहले पन्नालाल ने गांव के बाहर जमीन खरीदी और बैंक से 2.5 लाख रुपये कर्ज लेकर चर्च बनवाई थी। कुछ लोगों का कहना है कि यह ग्राम समाज की जमीन पर बनी है। एसपी ने बताया कि चर्च की जमीन की पैमाइश के लिए डीएम को अवगत करा दिया है। जांच कराई जाएगी। यदि अवैध अतिक्रमण मिला तो कार्रवाई की जाएगी।
25 लोगों का कराया धर्मांतरण
आरोपी पन्नालाल, उमाशंकर व विद्यासागर 12 घंटे तक पुलिस को गुमराह करते रहे। एसपी ने बताया कि विद्यासागर की पत्नी बीमार रहती है। दो साल पहले वह पत्नी को लेकर पहले मेरठ, इसके बाद गुरुग्राम गया था। वहां चर्च में लिक्विड पीने से आराम मिला तो उसने ईसाई धर्म अपना लिया। पन्नालाल ने त्रिवेंद्रम में धर्मपरिवर्तन करा लिया था। गांव में उसने 25 लाेगों का धर्मांतरण कराया था।