कन्नौज। सदर विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों को गति देने के सरकारी दावों को झटका लगा है। निविदा प्रक्रिया पूरी होने और प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद भी ठेकेदारों ने काम हाथ में लेने से इन्कार कर दिया। प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी धरोहर राशि जब्त कर ली है।
40 लाख रुपये के दो विकास कार्यों का खाका तैयार किया गया था। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं। प्रक्रिया में शामिल होकर ठेकेदारों ने इन कामों का ठेका हासिल किया। नियमानुसार उन्हें एक निश्चित अवधि में विभाग के साथ अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करने थे। विभागीय अधिकारियों ने ठेकेदारों को अनुबंध करने के लिए आधिकारिक रूप से सूचित किया। इसके बावजूद ठेकेदारों ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। समय सीमा समाप्त होने पर विभाग ने अंतिम चेतावनी पत्र भी जारी किया।
ठेकेदारों ने उसे भी नजरअंदाज कर दिया और काम करने से हाथ पीछे खींच लिए। उनकी इस टालमटोल और लापरवाही के कारण विकास कार्य अधर में लटक गए। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित विभाग ने कड़ा फैसला लिया। ठेकेदारों द्वारा निविदा के समय जमा की गई धरोहर राशि सरकारी खाते में जब्त कर ली गई है।
ठेकेदारों की मनमानी के कारण सदर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्य रुक गए हैं। इन कार्यों का उद्देश्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था। निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी थी, जो अब टूट गई है। जनता से जुड़े इन महत्वपूर्ण कार्यों में देरी से लोगों को परेशानी हो रही है।
लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड) के अधिशासी अभियंता दीपेश अस्थाना ने बताया कि विकास कार्यों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब इन अटके हुए कार्यों को पूरा कराने के लिए दोबारा निविदाएं बुलाई जाएंगी। विभाग दोबारा निविदाएं जारी करने की तैयारी कर रहा है ताकि जनता के हित के कार्य समय पर पूरे हो सकें।