कन्नौज। ठंड ने शुक्रवार को इस सीजन के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। न्यूनतम तापमान 4.2 और अधिकतम 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। गुरसहायगंज और जलालाबाद में दो लोगों की ठंड की चपेट में आने से मौत हो गई। सर्दी में हालत बिगड़ने पर आठ को मेडिकल कालेज की इमरजेंसी मे आठ लोगों को भर्ती कराया गया। जगह-जगह लोग अलाव तापते दिखे। हर कोई ठंड से ठिठुरता नजर आया। सुबह से पड़ रहे कोहरे के कारण दिन भर सूरज के दर्शन नहीं हुए। लोग दिन में भी वाहनों की लाइट जलाकर निकले। आलू समेत अन्य फसलों पर भी कोहरे और पाले का असर पड़ा।
शुक्रवार कोकोहरा इतना घना रहा कि सड़कों पर हेडलाइट जलाकर वाहन रेंगते नजर आए। सबसे अधिक परेशानी दुपहिया और चौपहिया वाहन चालकों को हुई। कोहरे, पाले का साथ पाकर शीतलहर जानलेवा हो गई है। सड़कों पर लोगों ने अलाव व कूड़े के ढेर जलाकर ठंड से बचाव का प्रबंध किया। गुरसहायगंज के ब्राहिमपुर गांव में गुरुवार रात किसान धर्मेंद्र यादव (31) पुत्र स्व. ओम प्रकाश यादव की ठंड से मौत हो गई। इसी तरह गुरुवार रात को ही जलालाबाद के रहने वाले राम भरोसे (65) भी ठंड की चपेट में आ गए और घर पर उनकी मौत हो गई। दोनों मामलों में परिजनों ने शुक्रवार को अंतिम संस्कार कर दिया। मेडिकल कालेज में ठंड से हालत बिगड़ने पर पांच महिलाओं और तीन पुरुषों को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
इन्हें सांस की समस्या होने पर आक्सीजन लगाई गई। उधर, कोहरे और पाले ने किसानों के माथे पर बल ला दिया। आलू पर परपरा रोग की मार और बढ़ गई। फूल वाली फसलों सरसों, मटर और अरहर पर भी रोगों की मार तेज हो गई। फूल झड़ने से पैदावार कम होने की संभावना बढ़ गई है। सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डा. अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि फसलों को बचाने के लिए किसान सिंचाई जरूर करें। खेतों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़े और दवा का छिड़काव करें। ठंड कुछ दिनों तक इसी तरह जारी रहेगी।
अलाव तापने पर तीन बंदी रक्षकों को नोटिस
जलालाबाद। जिला जेल में अलाव तापना तीन बंदी रक्षकों को महंगा पड़ गया। जेल अधीक्षक ने तीनों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। जेल अधीक्षक के मुताबिक, जेलर शिव कुमार यादव ने उन्हें बताया कि तीनों बंदी रक्षक अपनी बैरकों को छोड़कर एक ही जगह एकत्र हुए और अलाव जलाकर तापने लगे। यह जेल के नियमों के विरुद्ध है। इसी कारण इनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
सात घंटे देरी से गुजरी कालिंद्री एक्सप्रेस
कन्नौज। कोहरे ने सड़क के साथ ट्रेन यातायात को भी बुरी तरह से प्रभावित किया है। ट्रेनो की अधिक लेटलतीफी से कई यात्रियों ने आरक्षण कराना ही बंद कर दिया है। बड़े रूट की गाड़ियां अपने तय समय से पांच घंटे और इससे भी अधिक लेट चल रही हैं। इससे ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ गई है। कोहरे के कारण शुक्रवार भिवानी से चलकर कानपुर तक जाने वाली कालिंद्री एक्सप्रेस अपने तय समय से करीब सात घंटे देरी से आई। गोरखपुर अहमदाबाद चार घंटे, कोलकाता एक्सप्रेस और उत्सर्ग एक्सप्रेस करीब दो घंटे लेट रही। लखनऊ-कासगंज एक्सप्रेस समेत कई लोकल ट्रेन अपने तय समय से घंटों देरी से आईं।