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Kannauj News: नकली निकली कोल्डड्रिंक, नावेद की जमानत याचिका खारिज

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कन्नौज। समधन में पकड़ी गई लाखों की कोल्ड ड्रिंक फॉरेंसिक जांच में भी नकली निकली। यही नहीं बोतलों पर छपा बारकोड, एक्सपायरी डेट और बैच नंबर भी फर्जी निकला। पुलिस ने जांच रिपोर्ट न्यायालय में पेश की तो आरोपी नावेद की जमानत याचिका भी खारिज कर दी गई। अब पुलिस नावेद को आधार बनाकर असली गुनहगारों को पकड़ने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि नकली कोल्डड्रिंक बनाकर बेचने का यह सिंडीकेट उत्तराखंड समेत भारत के कई राज्यों में काम कर रहा है।
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कोल्डड्रिंक बनाने वाली कंपनी वरुण बेवरेज ने इसकी पुष्टि की है कि पकड़ी गई कोल्डड्रिंक उनकी फैक्टरी में नहीं बनाई गई है। पुलिस ने जांच के लिए बोतलों को सील कर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। फॉरेंसिक लैब से आई जांच रिपोर्ट में कोल्ड ड्रिंक के नकली होने का दावा किया गया है। पेप्सी कंपनी की इंडिया प्रेसीडेंस देवयानी खंखोजे ने भी दो दिन पहले एसपी से मुलाकात कर सिंडीकेट का पता लगाने की मांग की थी।
एसपी ने क्राइम ब्रांच को जांच के आदेश दिए, जिससे नकली कोल्ड ड्रिंक का कारोबार करने वालों में खलबली मची है। एसपी विनोद कुमार का भी कहना है कि इस मामले की तह तक जाने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम लगातार प्रयास कर रही है। जल्द ही पूरे सिंडीकेट का खुलासा किया जाएगा।
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बिल्टी में भी उत्तराखंड की फर्म का नाम
गुरसहायगंज। हरिद्वार के सिटकुला से माउंटेन ड्यू की 1540 पेटी लादकर चला ट्रक नौ मार्च को समधन के मोहल्ला गर्दाबाद में नावेद की दुकान पर पहुंचा था, जिसमें से 300 पेटी उतारकर पिकअप से कहीं भेजी भी जा चुकी थी, तभी पुलिस को नकली पेयजल की भनक लग गई और कोतवाल आलोक कुमार दुबे ने तत्कालीन समधन चौकी इंचार्ज राजेश कुमार को भेजकर ट्रक को कब्जे में ले लिया था। वरुण बेवरेज लिमिटेड के सेल्स मैनेजर हरिमोहन वर्मा ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मौके पर पहुंचे खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद कुमार साहू एवं अनिल राठौर टीम ने प्रारंभिक जांच में पेयजल की गुणवत्ता पर संदेह जताया था। वरुण बेवरेज लिमिटेड के सीनियर कस्टमर एग्जीक्यूटिव अभिषेक मिश्रा ने बताया कि ट्रक में मिले बिल में श्री राधे ट्रेडर्स रोशनाबाद, हरिद्वार उत्तराखंड का नाम पता चला था, जहां से ट्रक में नकली पेयजल लादकर भेजा गया था। संवाद
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बुधवार को नावेद ने कोर्ट में दाखिल की थी याचिका
बुधवार को नावेद ने न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने साक्ष्यों और मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया। विधि-विधान प्रयोगशाला में नमूने की जांच में नकली शीतल पेयजल और फर्जी बार कोड लगे होने की पुष्टि हुई है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। नकली पेय पदार्थों की बिक्री से संबंधित यह मामला आम जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद चिंताजनक है। प्रशासन ने भी ऐसे मामलों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
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