ढाई घंटे देरी से कन्नौज स्टेशन पहुंचती कालिंदी एक्सप्रेस।
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पहाड़ों पर हो रही बर्फ बारी के चलते मैदानी इलाके शीतलहर की चपेट में आ गए है। सर्द हवाओं ने धूप को भी बेअसर करना शुरू कर दिया है। सोमवार को पारा गिरने से गलन बढ़ गई।
शाम ढलते ही कोहरे की चादर छाने के साथ ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी। सोमवार सीजन का सबसे ठंडा दिन भी रहा। अधिकतम तापमान 20.8 और न्यूनतम 5.8 रहा। जो सामान्य से तीन डिग्री कम है।
रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों व प्रमुख चौराहों पर वाहनों का लोग ठिठुरते हुए नजर आए। कड़ाके की सर्दी को स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों और बुजुर्गों के साथ ही गंभीर बीमारी से परेशान मरीजों के लिए परेशानी वाला बताया है।
अधिकतम तापमान 20.8 डिग्री सेल्सियस भी सर्दी से राहत नहीं दिला सका। रात में तापमान लुढ़ककर 5.8 तक पहुंच गया, जिससे बंद कमरे में भी सर्दी की ठिठुरन बनी रही। बर्फीली हवा चलने से लोगों को गलन भरी सर्दी का सामना करना पड़ रहा है।
इससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी आने वाले एक सप्ताह तक इसी तरह सर्दी पड़ने की संभावना है।