कन्नौज। ठठिया थाना खेत्र के खैरनगर से निकली नहर में 11 जून को बोरे में मिले बुजुर्ग के शव की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। उधार दिए 1.35 लाख रुपये वापस मांगने पर उसकी हत्या कर दी गई। वह उद्यमिता विकास केंद्र में चतुर्थ श्रेणी कर्मी थे। परिजनों ने उनकी शिनाख्त की है।
एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त धनंजय सिंह ने सदर कोतवाली में 11 जून को चतुर्थ श्रेणी कर्मी रामदुलारे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था कि रामदुलारे नौ जून को घर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन दूसरे दिन घर नहीं पहुंचे। उनकी बेटी ने फोन कर जानकारी दी थी। उसी दिन ठठिया थाना क्षेत्र के ग्राम खैरनगर से निकली नहर में बोरे में एक शव पड़ा मिला था। उसके कपड़ों और गमछे से परिजनों ने शव की शिनाख्त प्रयागराज के विशकुटी थाना क्षेत्र के तेलियरगंज-नयागंज निवासी रामदुलारे निवासी के रूप में की थी।
पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी थी। जांच में पता चला कि जिला उद्योग केंद्र पर वंशरामऊ निवासी शिवानी अपने काम से अक्सर आती रहती थी। शिवानी के कहने पर रामदुलारे ने अमर सिंह की भूमि को गिरवी रखकर 1.35 लाख रुपये दिए थे। जब रामदुलारे रुपये मांगने गए तो अमर सिंह ने देने से मना कर दिया। पूछताछ में अमर सिंह ने बताया कि नौ जून को रामदुलारे रुपये लेने के लिए घर आए थे। उसने रामदुलारे को खेत के पास ट्यूबवेल के पास बुलाया, जहां पर रुपयों को लेकर बीच विवाद हो गया। इसके बाद अमर सिंह ने अपने पुत्र अर्जुन, शिवानी और एक किशोर के साथ मिलकर रामदुलारे की गमछे से गला कसकर हत्या कर दी। शव को बोरे में पत्थर भरकर बंद कर दिया और ऑटो से ले जाकर खैरनगर के पास नहर में फेंक दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त ऑटो और रामदुलारे का पेन बरामद किया है।
दयालु प्रवृत्ति के थे रामदुलारे
जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र के उपायुक्त धनंजय सिंह ने बताया कि रामदुलारे रात में केंद्र पर ही रुकते थे। वह काफी दयालु प्रवृत्ति के थे। हर परेशान की मदद किया करते थे। हर किसी परेशान की मदद करने की आदत के तहत ही वह शिवानी की मदद के लिए तैयार हुए थे। बाद में यही मदद उनकी जान की दुश्मन बन गई।