कन्नौज। मूसलाधार बारिश ने इत्रनगरी की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। सोमवार शाम से जारी बारिश से पूरे शहर का नजारा ही बदल गया। शहर की वीआईपी गलियों से लेकर दूरदराज के मोहल्ले सब लबालब नजर आ रहे हैं। सड़कों पर कई फीट पानी भरने से लोगों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है। उधर, मौसम विभाग का कहना है कि 24 घंटे में औसत वर्षा- 62.73 मिलीमीटर हुई है।
बारिश का सबसे खौफनाक मंजर शहर के कृष्णानगर मोहल्ले में देखने को मिला। यहां लगातार बारिश से पास ही स्थित धीरा तालाब ओवरफ्लो हो गया। देखते ही देखते तालाब का गंदा और बदबूदार पानी लोगों के ड्राइंग रूम और रसोई तक पहुंच गया। रात भर पानी का स्तर बढ़ता देख लोग अपने कीमती सामान और गृहस्थी बचाने में जुटे रहे। तब तक अनाज, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान पानी में डूबकर खराब हो चुका था। इसी तरह नखासा, शेखपुरा, शेखाना, देविन टोला, सरायमीरा, शिवाजी नगर समेत कई मोहल्लों में गलियां उफनाकर चलीं और मकानों पानी घुस गया।
जलनिकासी के दावों की खुली पोल
शहर की स्थिति बिगड़ती देख नगर पालिका और प्रशासन में हड़कंप मच गया। जलनिकासी के बदहाल इंतजामों का जायजा लेने के लिए अधिशासी अधिकारी श्यामेंद्र मोहन चौधरी और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना किया। रेलवे लाइन और आसपास के इलाकों में अटके पानी को बाहर निकालने के लिए मौके पर दिशा-निर्देश दिए गए। ईओ ने बताया कि कई जगह पालिका की जेसीबी लगाकर जलनिकासी की व्यवस्था कराई गई है।
जिला बेहाल, दिनभर जनजीवन ठप
आफत की यह बारिश सिर्फ शहर तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि पूरे जिले में जलभराव की गंभीर स्थिति है। ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में दुकानें, सड़कें और गलियां जलमग्न हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह हुए जलभराव ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के जलनिकासी के तमाम दावों की कलई खोलकर रख दी है।
जिले में वर्षा की स्थिति
तहसील सदर- 94.2 मिलीमीटर
तहसील छिबरामऊ- 12 मिलीमीटर
तहसील तिर्वा- 82 मिलीमीटर
कुल औसत वर्षा- 62.73मिलीमीटर