छिबरामऊ। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अब केवल साक्षर नहीं बल्कि उन्हें सूचना व संचार तकनीकी के माध्यम से डिजिटल साक्षर बनाया जाएगा। इसके लिए सोमवार को डायट सभागार में शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ।
डायट प्रवक्ता अलका शर्मा ने शिविर का शुभारंभ करते हुए कहा कि शिक्षा में तकनीकी शिक्षा को समाहित करके सीखने और सिखाने की प्रक्रिया को और सरल बनाया जा सकता है। हर बच्चा आसानी से समझ के साथ सीख सके, इसलिए शिक्षा में सूचना और संचार तकनीकी का उपयोग करते हुए शिक्षण करना चाहिए। इसके लिए पहले शिक्षकों का तकनीकी रूप से सक्षम होना जरूरी है।
अगले सत्र में बच्चों को पाठ्य पुस्तक में डिजिटल लर्निंग, कोडिंग व आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस को भी शामिल किया जा रहा है। ताकि हर बच्चा केवल साक्षर हीं नहीं बल्कि डिजिटल साक्षर बने। संदर्भदाता शशिकांत शुक्ला ने आईसीटी के उपयोग से होने वाले लाभ व प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही कंप्यूटर की बेसिक जानकारी देते हुए एमएस आफिस पर काम करना सिखाया।
प्रवक्ता किरन सिंह ने डिजिटल लाइब्रेरी के बारे में बताया। डायट प्राचार्य हरीसिंह शाक्य व वरिष्ठ प्रवक्ता सुनील चतुर्वेदी की देखरेख में प्रवक्ता अनुज दुबे, फरहद शमशाद, सुमित गुप्ता, शिशिर कुशवाहा, गौरव सिंह, विवेक दुबे ने भी शिक्षकों को तकनीकी के बारे में जानकारियां दीं। शिविर में जिले के सभी विकास खंडों से शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।