छिबरामऊ। मोहल्ला बनवारी नगर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान छह वर्षीय बच्ची मुस्कान की मौत हो गई। परिजनों ने नर्सिंग होम के गेट के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
ग्राम सराय दायमगंज निवासी आशीष कुमार शाक्य ने बताया कि उनकी बेटी मुस्कान को बुखार था। शनिवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे वह अपनी पत्नी सपना के साथ बेटी को नर्सिंग होम ले गए थे। आशीष का आरोप है कि चिकित्सक ने जांच के बाद इलाज शुरू किया। स्वास्थ्य कर्मी ने मना करने के बावजूद मुस्कान को मोनोसेफ इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। मुस्कान की मौत से परिवार में मातम छा गया है।
उधर, सराय दायमगंज से सौ से अधिक ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और हंगामा करने लगे। कोतवाल कपिल दुबे ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया। उन्होंने बताया कि चिकित्सक के खिलाफ अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। परिजन पोस्टमार्टम कराने को भी तैयार नहीं हैं। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नर्सिंग होम में अनियमितताएं
नर्सिंग होम संचालक ने परिसर के अंदर ही एक मेडिकल स्टोर भी चला रखा था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इलाज और दवाओं के नाम पर तीमारदारों से हजारों रुपये वसूले जाते थे। मासूम की मौत के बाद हंगामा शुरू होते ही कई मेडिकल स्टोर और पैथोलॉजी संचालक चिकित्सक के बचाव में आ गए। उन्होंने परिजनों पर मामले को सुलझाने का दबाव बनाया।
सीएमओ ने दिए जांच के आदेश
इस घटना के बाद स्वास्थ्य महकमे का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास चंद्रा ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जांच में लापरवाही पाए जाने पर नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हंगामा शुरू होते ही अस्पताल में भर्ती करीब पचास बीमार बच्चों के तीमारदार उन्हें लेकर चुपचाप निकल गए।
फोटो :15: मुस्कान की फाइल फोटो।