कन्नौज। आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश की डबल इंजन'' सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश में दलित समुदाय से आने वाले मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों को प्रशासनिक स्तर पर लगातार अपमानित किया जा रहा है। आजाद ने केवल लापरवाही नहीं, बल्कि सत्ता के भीतर बैठी जातिगत मानसिकता का खुला प्रदर्शन बताया है।
चंद्रशेखर आजाद ने अपने पोस्ट में पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह कोई पहली बार नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि आठ सितंबर 2025 को आगरा में कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य के साथ भी ऐसी ही असंवेदनशीलता देखी गई। किसानों की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी वहां पहुंचे ही नहीं। नाराज होकर मंत्री को अंततः बैठक स्थगित करनी पड़ी थी। चंद्रशेखर आजाद ने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो सरकार अपने ही दलित मंत्रियों को उचित सम्मान नहीं दे सकती, उस शासन में आम दलितों और पिछड़ों का क्या हाल होगा, यह सोचने वाली बात है। इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है, और सोशल मीडिया पर प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली और सरकार की मंशा पर बहस छिड़ गई है।