तिर्वा। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में कार्डियोलॉजी अस्पताल तो बन गया था पर कैथलैब का निर्माण कार्यदायी संस्था ने नहीं कराया। इस कारण कार्डियोलॉजी अस्पताल हैंडओवर नहीं हो सका था। इसके लिए मंगलवार को डीएम ने कार्डियोलौजी हैंडओवर के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया है।
मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2018 में 127 करोड़ की लागत से 125 बेड का कार्डियोलॉजी अस्पताल बना था। कार्यदायी संस्था ने अस्पताल में कैथलैब नहीं बनाई थी, जिस कारण से कार्डियोलॉजी अस्पताल मेडिकल कॉलेज को हैंडओवर नहीं किया जा सका था। प्राचार्य डॉ. सीपी पाल ने कैथलैब निर्माण के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया। उनका प्रयास रंग लाया और कार्यदायी संस्था ने दिसंबर में कैथलैब का निर्माण शुरू कराया और जनवरी में कैथलैब बनकर तैयार हो गई। अब कार्डियोलॉजी अस्पताल के हैंडओवर की कवायद शुरू हो गई है।
डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने प्राचार्य को पत्र भेजकर अस्पताल हैंडओवर के लिए चार सदस्यीय समिति का गठन किया है और तीन दिन के अंदर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। समिति में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता दीपेश अस्थाना, सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता सूर्यमणि सिंह, बिजली निगम के अधिशासी अभियंता मगन सिंह एवं मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी पाल को शामिल किया गया है। अस्पताल के शुरू होने से क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों के लोगों को हृदय संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए महानगरों की दौड़ से राहत मिलेगी।