जिले में डार्क जोन घोषित तालग्राम और जलालाबाद विकास खंडों के खेतों की प्यास बुझाने के लिए मुख्यमंत्री ने 30 किमी लंबी नई नहर बनवाने की घोषणा की है। इसे मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शामिल करके साकार करने के लिए प्रदेश सरकार सक्रिय हो गई है।
मुख्यमंत्री की प्रमुख सचिव अनीता सिंह ने इस नहर को बनवाने के लिए खुद अपने हाथों में मानीटरिंग करने की कमान ली है। उन्होंने कमिश्नर व जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मुख्यमंत्री की घोषणा को पूरा कराने के लिए युद्धस्तर से जुटकर प्रयास करने को कहा है। इस नहर की क्षमता 150 क्यूसेक पानी देने की होगी।
इसके लिए कुल कितनी जमीन की जरूत होगी, नहर खुदाई व पटरी तैयार करने के लिए कितने रुपये की लागत आएगी इसका आंकलन शुरु करा दिया गया है। स्टीमेट बनाने के साथ ही नहर बनाने के कार्य के प्रारंभ होने की संभावित तिथि, इसे बनाकर पूर्ण कराने की अपेक्षित तिथि निर्धारित करके यह विवरण मुख्यमंत्री की वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से फीड करने को कहा गया है।
इस योजना की नियमित रूप से समीक्षा करने की हिदायत दी गई है। यदि घोषणा के क्रियांवयन में किसी कार्यदाई संस्था की आवश्यकता नहीं है तो इस तथ्य की प्रविष्टि भी की जाए। यदि कार्यदाई संस्था की जरूरत है तो उसका पूरा ब्यौरा भेजने को कहा गया है।
उन्होंने कहा है कि नहर बनाने की घोषणा को तभी पूरा माना जाएगा जब नहर बनाने का कार्य पूर्ण करने के बाद किसानों को उससे होने वाली जलापूर्ति का लाभ मिलने लगेगा। नहर बनाने के काम की समीक्षा के लिए संयुक्त सचिव अनिल कुमार के अलावा एक विभागीय अफसर को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
जो कार्यदाई संस्था चुनी जाएगी उसके अफसरों के नाम, पद नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी भी मांग ली गई है। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री का पात्र आने के बाद जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने कागजी कवायद शुरु करा दी है।
किसान नहीं लगवा पा रहे हैं ट्यूबवेल
मौजूदा समय में तालग्राम व जलालाबाद ब्लाक क्षेत्र डार्क जोन घोषित हैं। इस वजह से इन इलाकों में बोरिंग प्रतिबंधित कर दी गई है। किसान नए निजी नलकूप नहीं लगवा पा रहे हैं। बिजली कनेक्शन देने पर भी रोक लगी है। लगातार भूगर्भ जल स्तर पाताल की तरफ खिसकने से पुराने ट्यूबवेल भी धीरे-धीरे पानी देना बंद करते जा रहे हैं। इस वजह से खेतों की सिंचाई की भीषण किल्लत पैदा हो गई है।
आजादी के बाद बनेगी पहली नहर
जिले में आधा सैकड़ा से अधिक माइनरों व रजबहों का जाल फैला है, लेकिन ये नहरें अंग्रेजों के जमाने की हैं। देश की आजादी के बाद से कन्नौज जिले में एक भी नई नहर का निर्माण नहीं कराया गया है। हर साल राजकीय नलूकप तो स्थापित किए जा रहे हैं, लेकिन नहर की संख्या जस की तस है।
जलालाबाद व तालग्राम ब्लाक में यदि सीएम की नहर निर्माण संबंधी घोषणा पूर्ण होती है तो यह आजादी के बाद बनी पहली नहर होगी। बताते हैं कि यह नहर लिफ्ट कैनाल होगी, जिसमें काली नदी के पानी को लिफ्ट करके छोड़ा जाएगा। यदि इसे गंगा नदी के जल से संचालित किए जाने की स्थिति बनती है तो भी इसमें लिफ्ट करके ही जलापूर्ति की जा सकेगी।
जल्द शुरू हो जाएगा सर्वे कार्य
जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री का फरमान आते ही जिले के अफसर एलर्ट हो गए हैं। सीडीओ उदयराज यादव और नलकूप खंड के अधिशासी अभियंता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। आनन-फानन में विभागीय अभियंताओं को सर्वे कार्य के निर्देश दिए गए हैं। नहर का रूट कौन सा रहेगा, यह किन-किन गांवों से गुजारने पर ज्यादा से ज्यादा खेतों को लाभ मिलेगा, किस क्षेत्र में खेतिहर, अन उपजाऊ या सरकारी जमीन कितनी मात्रा में अधिग्रहीत करनी पड़ेगी, इन सवालों के जवाब जल्द ही खोजे जाएंगे।