छिबरामऊ। कृषि उत्पादन मंडी समिति के नीलामी चबूतरों पर कई आढ़तियों ने कब्जा कर रखा था। सोमवार को एसडीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान चलाकर तीन नीलामी चबूतरों को खाली कराया गया। कार्रवाई से कब्जा धारक आढ़तियों में हड़कंप रहा।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में किसानों को फसल रखने के लिए चार नीलामी चबूतरों का निर्माण कराया गया था। इन चबूतरों पर 40-45 आढ़तियों ने बांस के टट्टर आदि लगाकर कब्जा कर रखा था। शिकायत पर एसडीएम उमाकांत तिवारी ने नायब तहसीलदार भरत व प्रभारी मंडी सचिव श्रवण सिंह परमार को कार्रवाई के निर्देश दिए। सोमवार को अफसरों ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ अभियान चलाया। व्यापारियों ने दबाव बनाने के प्रयास भी किए लेकिन पुलिस की सख्ती के कारण उनकी एक नहीं चली। उधर अभियान के दौरान नीलामी चबूतरों पर रखा सामान सुरक्षित निकालने के लिए व्यापारियों में भगदड़ मची रही। प्रभारी मंडी सचिव ने बताया कि तीन नीलामी चबूतरों को खाली करा लिया है। एक चबूतरे पर सब्जी व्यापारियों का कच्ची माल रखा हुआ था, उन्हें समय देकर कब्जा छोड़ने के निर्देश दिए गए है।
दोबारा कब्जा किया तो होगा लाइसेंस निरस्त
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सभापति व एसडीएम उमाकांत तिवारी ने बताया कि नीलामी चबूतरे किसानों की सहूलियत के लिए हैं। बारिश व धूप में फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसान चबूतरों पर अपनी फसलों को रख सकेंगे। अवैध कब्जा हटने के बाद अगर व्यापारियों ने दोबारा कब्जे का प्रयास किया तो उनके खिलाफ लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
भाकियू (भानू) ने दिया धरना
नीलामी चबूतरों पर अवैध कब्जे के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भानू) गुट के किसान नेताओं ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। वार्ता के दौरान किसान नेताओं ने नीलामी चबूतरों से व्यापारियों के कब्जे हटवाने की मांग रखी। इस पर एसडीएम ने कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना खत्म करा दिया। लगभग दो घंटे तक चले धरना के दौरान सत्यम गुप्ता, नीरज भटिया, आरपी ठाकुर, सौरभ ठाकुर, अमन यादव, शिवम शुक्ला समेत कई किसान नेता मौजूद रहे।