छिबरामऊ। कृषि उत्पादन मंडी समिति में 35 दुकानों का निर्माण होना है। निर्माण कार्य में अवैध अतिक्रमण कर संचालित हो रही 20 दुकानें बाधा बनी थी। मंडी प्रशासन ने शनिवार को जेसीबी बुलवाकर अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त करा दिया।
मंडी सचिव श्रवण कुमार परमार ने बताया कि आढ़तियों की मांग पर परिसर में ए व बी क्लास की 10-10 एवं सी क्लास की 15 दुकानों का निर्माण होना है। इसके लिए शासन से प्रस्ताव व टेंडर भी स्वीकृत हो चुका है। ए क्लास की दुकानों का जिस स्थान पर निर्माण होना है। वहां पर 20 आढ़तियों के अवैध कब्जा कर बांस व लोहे के टट्टर लगाकर स्थायी दुकानें बना ली थी। दुकानों के निर्माण के लिए आढ़तियों को कई बार अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस भी जारी किए जा चुके हैं।
नौ जनवरी को अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया था पर आलू खरीदारी का समय होने के कारण व्यापारियों की मांग पर अभियान को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था। निर्माण कार्य में हो रही देरी पर डीडीए संजय कुमार सिंह अतिक्रमण हटवाने का फरमान जारी किया था। निर्देशों के अनुपालन में मंडी सचिव ने जेसीबी बुलवाकर सुरक्षा कर्मियों के साथ दुकानों के अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कराकर जमीन खाली करवा दी। वहीं, अभियान चलते ही आढ़तियों में हड़कंप मच गया। दुकानदार अपना सामान समेट कर सुरक्षित करने में जुटे रहे।
मंडी के विकास में खर्च होंगे छह करोड़
मंडी सचिव ने बताया कि पांच करोड़ की लागत से 35 दुकानों का निर्माण कराया जाएगा। शेष एक करोड़ से बरसात के दिनों में मंडी समिति में होने वाली जलभराव की समस्या का निराकरण कराया जाएगा। नालियों के साथ एक पक्के तालाब का निर्माण होगा। इसमें एकत्रित पानी को पंप के जरिए बाहर के नालों तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही साफ सफाई के इंतजाम भी बेहतर किए जाएंगे।
पहले व्यापारियों के लिए दुकानों का होना चाहिए था इंतजाम
गल्ला आलू व्यापारी संघ के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने बताया कि आढ़तों का ध्वस्त किया जाना बेहद निंदनीय है। पहले मंडी प्रशासन को इन आढ़तियों के लिए दुकानों का इंतजाम करना चाहिए था, उसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी चाहिए थी। व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आढ़तियों का आरोप, स्टे के आदेश के बाद कार्रवाई
आढ़ती अनिल दीक्षित ने बताया कि उनके अलावा आढ़ती महेश गुप्ता, नईम, गिरजाशंकर तिवारी, राजेश यादव व गुड्डू यादव, सर्वेश कुमार के पक्ष में न्यायालय ने यथास्थिति का आदेश कर रखा है। इसके बाद भी हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के खिलाफ सभी आढ़ती न्यायालय की शरण लेंगे। वहीं, मंडी सचिव ने बताया कि हाईकोर्ट से श्रीरामजी ट्रेडर्स के संचालक सर्वेश कुमार के पक्ष में यथास्थिति का आदेश उनके पास आया था। न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में उनकी आढ़त का कार्रवाई की जद से बाहर रखा गया है। हालांकि उनके स्टे को भी कुछ ही समय शेष है। उन्हें तय समय पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया गया है।