गुरसहायगंज/समधन। ठिठुरती सर्दी से निजात पाने के लिए आग के सहारे बैठे बच्चों को नशे में धुत कार चालक ने मंगलवार की देर रात रौंद दिया। दुर्घटना में जहां भाई ने अपनी बहन को खो दिया। वहीं दो बच्चे अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। पुलिस को बुधवार को कार्रवाई के लिए तहरीर का इंतजार रहा। गमगीन परिजनों ने नम आंखों से बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र की चौकी रामाश्रम के सिंहपुर में देर रात नशे की हालत में कार लेकर आ रहे युवक ने सड़क किनारे आग ताप रहे तीन मासूमों को रौंद दिया था। इस हादसे में 14 वर्षीय रीमा देवी पुत्री रामकेश की मौके पर मौत हो गई थी। उसकी चचेरी बहन 16 वर्षीय नेमादेवी व परिवार का ही 15 वर्षीय अतुल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका इलाज कानपुर व फर्रुखाबाद में चल रहा है।
घायल बच्चों की भी हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजन ने बताया कि रीमा देवी झूसीनागर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा आठ की छात्रा थी। जो इकलौते बड़े भाई शीलू की इकलौती बहन थी। किशोरी की मौत से पिता रामकेश व मां अरुणा देवी गमजदा हैं, जो खेती-बाड़ी व मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव मिलने पर परिजनों ने गंगा तट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
दूसरे दिन भी नहीं लगा आरोपी चालक का सुराग
घटना के दूसरे दिन भी पुलिस आरोपी कार चालक का पता नहीं लगा सकी। घटना को लेकर कोतवाल अजय अवस्थी ने बताया कि घटना की तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर गहनता से आरोपी चालक को तलाश कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कार को पुलिस ने कब्जे में लिया है।