डोंगा से काली नदी पार कर रहा आठ वर्षीय बालक घबराकर नदी में कूद गया। काफी प्रयास के बाद भी उसका पता न चल सका। देर शाम तक बालक की तलाश में खोताखोर लगे रहे।
कोतवाली क्षेत्र के गांव महौना निवासी तमाम ग्रामीणों के खेत काली नदी के दूसरी छोर में भी हैं। खेतों में आने जाने के लिए नदी पार करने के लिए किसानों ने डोंगे बना रखे हैं।
सोमावर दोपहर विक्रम वर्मा का आठ वर्षीय पुत्र प्रियांशु वर्मा, नरेश का पुत्र दौलत, और रजनेश का पुत्र भी खेत में जाने के लिए काली नदी के तट पर गए थे। यहां पर किसी आदमी के न होने पर प्रियांशु ने डोंगा खोला और नदी पार करने के प्रयास में उस पर बैठ गया। पानी के तेज बहाव के चलते डोंगा पानी की ओर बढ़ चला और इस बीच उसके दो अन्य साथी उसमें नहीं बैठ सके।
डोंगा के आगे निकल जाने पर डोंगे में अकेला बैठा प्रियांशु घबरा गया और डर के कारण नदी में कूद गया। कुछ देर तक पानी से बाहर न निकलने पर साथियों ने शोर मचा दिया और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। खेतों में काम कर रहे तमाम लोग प्रियांशु की तलाश में नदी में उतर गए और उसे ढूंढा लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका।
सूचना पाकर कोतवाल अमर पाल सिंह, एसएसआई नवीन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बाहर से गोताखोर बुलाकर प्रियांशु की तलाश शुरू करा दी।