कन्नौज मेडिकल कॉलेज आवास टाइप थ्री के कमरा नंबर नौ में स्टाफ नर्स रंजना रसल ने फांसी लगाकर जान दे दी। रंजना ने 17 मई को इमरजेंसी में ड्यूटी की थी। 18 मई से उनका किसी कर्मचारी से संपर्क नहीं हुआ। शक होने पर तीन दिन बाद आवास में भीतर से बंद ताला तोड़ा गया। स्टाफ नर्स का शव कमरे की चौखट की जाली में दुपट्टे के फंदे से लटका मिला।
छानबीन में पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। इसमें पारिवारिक कारणों को वजह बताया गया है। गोरखपुर जिले के गांव धर्मपुर शाहपुर (पोस्ट गीता वाटिका) निवासी रंजना रसल (35) का विवाह 2008 में स्तुति रसल के साथ हुआ था। पति लखनऊ में दो बच्चों के साथ रहते हैं। रंजना 2018 में आजमगढ़ से ट्रांसफर होकर राजकीय मेडिकल कॉलेज आई थीं।
उनकी ड्यूटी 17 मई को इमरजेंसी में लगी थी। 18 मई को अवकाश था। वह अपने कमरे में अकेली रहती थीं। दो दिन तक किसी से संपर्क न होने पर स्टाफ नर्स ने सुबह फोन किया। कॉल रिसीव नहीं हुई। इस पर कॉलेज प्रशासन को सूचना दी गई। टाइप थ्री के आवास के पास पहुंचने पर गंध लगी तो कर्मचारियों से अंदर से लगे ताले को तुड़वाया गया।
कमरे के अंदर दूसरे कमरे की चौखट वाली जाली के सहारे फांसी लगाई गई थी। कॉलेज प्रशासन की सूचना पर पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर कमरे की तलाशी ली। पास में सुसाइड नोट रखा मिला। इसमें पारिवारिक दिक्कत बयां की गई थी। पुलिस ने रंजना के परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है।