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बोर्ड परीक्षा: बिजली से हारे, ढिबरी के सहारे

Sat, 07 Feb 2015 11:46 PM IST
अमर उजाला कन्नाैैज
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आगामी 19 फरवरी से यूपी बोर्ड की और 20 मार्च से डिग्री कालेजों में परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। सभी कक्षाओं के छात्र-छात्राएं परीक्षा की तैयारी में जी-जान से जुटे हैं। लेकिन उनकी तैयारी पर बिजली भारी पड़ रही है। फाल्ट, लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती उनके लिए सिरदर्द बनी है। आलम यह है कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में बमुश्किल छह घंटे भी बिजली नहीं आ रही है। यही नहीं फुंके ट्रांसफार्मर को 72 घंटे में बदलने का सीएम का फरमान भी असर नहीं दिखा रहा है।
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क्षेत्र के करीब सौ गांवों को पांच माह से लो-वोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। विभाग की उदासीनता से उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे छात्र-छात्राओं की बोर्ड परीक्षा तैयारी भी प्रभावित हो रही हैं। इसके चलते शनिवार को अभिभावकों ने विभाग के खिलाफ आक्रोश जताया है।

गुगरापुर गांव निवासी कृष्ण कुमार पांडेय का कहना है कि शासन से जनपद को 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसके बावजूद क्षेत्र में 6 घंटे भी बिजली नहीं आ रही है। तारापुर गांव निवासी मो. वकील का कहना है कि संयोगिता मार्ग पर सड़ुआपुर के पास करीब दो साल पहले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना की गयी थी। लेकिन उपेक्षा के चलते अभी तक उपभोक्ताओं का सपना हकीकत में नहीं बदला है।
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सौंसरापुर निवासी मास्टर शमशाद का कहना है कि विद्युत उपकेंद्र से चियासर, कुसुमखोर, गुगरापुर तीन फीडर जोड़े गए थे। करीब पांच माह पहले तकनीकी खराबी के चलते चियासर फीडर की ओएफसी मशीन फुंक गयी। इस पर चियासर फीडर को गुगरापुर फीडर से जोड़ दिया गया। अधिक लोड के चलते उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज से जूझना पड़ रहा है।

गांव चियासर निवासी अजय मिश्रा, बल्लू पुरवा निवासी अशोक यादव का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे छात्र-छात्राओं को लालटेन की रोशनी में तैयारी करनी पड़ रही है। जल्द ही इस ओर ध्यान न दिया गया तो बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

उधर विद्युत उपकेंद्र पर तैनात जेई अजयपाल सिंह गौतम ने बताया कि अधिशाषी अभियंता सहित आला अफसरों को मामले से अवगत कराया गया है। खराब पड़ी ओएफसी मशीन को ठीक कराया जाएगा। साथ ही क्षमता ट्रांसफार्मर की वृद्धि के लिए भी प्रयास किया जाएगा।

फसलों की सिंचाई भी प्रभावित
गुगरापुर। लो-वोल्टेज के चलते क्षेत्र के नलकूप भी ठप पड़े हैं। इससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। गांव सराय निवासी किसान हरिओम तिवारी, नौरंगपुर निवासी किसान आशुतोष यादव, गोरी बांगर निवासी सर्वेश बाथम का कहना है कि इन दिनों खेतों में रबी की फसल तैयार हो रही है।

सिंचाई कम होने से गेहूं की उपज भी घटेगी। क्षेत्र के गांव मल्लपुरवा, सौंसरापुर, सराय बारामऊ, बारामऊ बांगर, गुगरापुर, तारापुर, चियासर, मधवापुर, भवरगाढ़ा, कुसुमखोर, गोसाईदासपुर, चांदापुर, कछियापुर, सद्दूपुर, गोरी बांगर आदि गांवों के ग्रामीणों को लो-वोल्टेज व अघोषित कटौती से जूझना पड़ रहा है।

जर्जर तार बने सिरदर्द
गुगरापुर। गांव कछियापुर में दो वर्ष पहले बिजली के तार टूटने से दो महिलाएं घायल हो चुकी हैं। वहीं रामपुर भुड़िया में जर्जर तार हादसों को दावत दे रहे हैं। सौंसरापुर गांव के बीच से हाईटेंशन लाइन गुजरी है। सुरक्षा जाल भी नहीं लगा है। चार साल पहले ट्रक चपेट में आकर जल गया था। ढाई वर्ष पहले बैंडबाजे की ट्राली में करंट उतरा था। दो वर्ष पहले  कपड़ा बेचने आई डीसीएम में तार छूने से हजारों का माल स्वाहा हो चुका है। गांव निवासी डा. शान आलम, जमील कोटेदार, डा. नौशाद, शमीम मुल्लाजी, जान मोहम्मद का कहना है कि जर्जर एचटी लाइन के तार बदले जाने की मांग उठाई है।

डेढ़ माह से अंधेरे में ठाकुरपुर वासिंदे
ठठिया (कन्नौज)। क्षेत्र के गांव ठाकुरपुर में ट्रांसफार्मर फुंकने से डेढ़ माह से ग्रामीणों को बिजली समस्या से जूझना पड़ रहा है। गांव निवासी प्रेमचंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि ट्रांसफार्मर फुंकने की जानकारी बिजली विभाग के अफसरों को दी जा चुकी है। लेकिन अभी तक इसे बदला नहीं गया है। वहीं गांव कुरियाना के बासिंदों ने गांव में विद्युतीकरण कराए जाने की मांग उठाई है।

गांव निवासी सुरेंद्र का कहना है कि वीआईपी जनपद का तमगा होने के बाद भी उनके गांव में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। ऐसे में नौनिहालों को लालटेन की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं कस्बा ठठिया में एक पखवारे में ट्रांसफार्मर फुंका पड़ा है। कस्बा निवासी डा. अरूण राठौर ने बताया कि करीब एक पखवारे से ट्रांसफार्मर खराब है। कस्बा के हरिश्चंद्र कुशवाहा का कहना है कि जर्जर तारों के चलते आए दिन फुंक जाता था। वर्ष 1969 में विद्युतीकरण कराया गया था। तब से तार नहीं बदले गए। उपभोक्ताओं ने फुंके ट्रांसफार्मर व जर्जर तारों को बदलाए जाने की मांग की है।

उजाले की आस में तिखवा और सैयदपुर सकरी
मानीमऊ। क्षेत्र के गंाव तिखवा के ग्रामीणों को ट्रांसफार्मर न बदले जाने से एक माह से अंधकार से जूझना पड़ रहा है। गांव निवासी सैजुद्दीन, मुस्तकीम, शानू, शाहरूख खान, अब्दुल हसन, आलमगीर सहित दर्जनों ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक माह पहले गांव में लगा ट्रांसफार्मर फुंक गया था।

इसकी सूचना बिजली विभाग को दी जा चुकी है। अभी तक इसे बदला नहीं गया है। वहीं सांसद द्वारा गोद लिए गए गांव सैयदपुर सकरी के मजरा बगिया और कछियनपुरवा के वासिंदों को अभी बिजली की रोशनी नसीब नहीं हुई है। गांव बगिया निवासी खालिक व माजिद का कहना है कि बिजली विभाग के अफसरों से कई बार गुहार लगाई।
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लेकिन अभी तक विद्युतीकरण नहीं कराया गया। ग्राम प्रधान इखलाक अली का कहना है कि मामले से आला अफसरों को अवगत कराया गया है।
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